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Gorakhpur News: वीडियो वायरल, जेई की तहरीर भी मिली, फिर भी सात दिन से प्राथमिकी नहीं

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पिपरौली। विद्युत उपकेंद्र में घुसकर फीडर बंद कराने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में गीडा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और अवर अभियंता की ओर से लिखित तहरीर दिए जाने के बावजूद सात दिन से अधिक समय बीतने पर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
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जानकारी के अनुसार, 28 सितंबर की रात करीब 12 बजे पिपरौली गांव के कुछ लोग 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र जुड़ियान में घुस आए थे। आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों पर दबाव बनाकर बरहुआ फीडर का स्विच जबरन बंद करा दिया। इससे दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और करीब एक घंटे तक क्षेत्र में अंधेरा छाया रहा।
घटना के अगले दिन उपकेंद्र में हुए हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जुड़ियान उपकेंद्र के अवर अभियंता आरके सिंह ने तीन अक्तूबर को गीडा थाने में लिखित तहरीर देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। तहरीर में उपकेंद्र में अराजकता फैलाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और आवश्यक सेवा बाधित करने का आरोप लगाया गया है।
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पुलिस ने जांच पिपरौली चौकी प्रभारी अमरेश सिंह को सौंपी है। हालांकि, तहरीर और वीडियो सामने होने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज न होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। बिजलीकर्मियों का कहना है कि सार्वजनिक सेवा बाधित करने के मामले में देरी से उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
कोट
विद्युत उपकेंद्र पर दबंगई, सरकारी कार्य में बाधा और आम जनता की आवश्यक सेवा ठप करना गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि गीडा के क्षेत्राधिकारी से तत्काल वार्ता कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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-राजेश गुनावत, एसपी उत्तरी
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