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जान जोखिम में डालकर कर रहे हैं घर खर्च का इंतजाम, सब्जी और फल वालों ने बांट लीं गलियां

Wed, 20 May 2020 12:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • कोरोना इफेक्ट : बदला छोटे मार्केट का फंडा, सब्जी और फल वालों ने बांट ली गलियां
  • लॉकडाउन में घर के दरवाजे पर ही सामान मिलने से लोगों को भी सहूलियत
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण के दौरान चौराहों पर फल और सब्जी की लगने वाली छोटी बाजारों का फंडा इन दिनों बदल गया है। लॉकडाउन के दौरान मार्केट में दुकानें लगाने वालों ने अब इलाका बांट कर गलियां पकड़ ली हैं।

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चाट, चाऊमिन, अंडा बेचने वाले भी अब सब्जी व फल बेचने लगे हैं। कुछ ने तो ठेले पर अंडे बेचना शुरू कर दिया है। इनका कहना है कि कोरोना संकट में कम से कम रोजमर्रा के खर्च का इंतजाम तो हो जा रहा है। दूसरी तरफ आम लोगों को भी सहूलियत हुई है। सोशल डिस्टेसिंग के चलते लोग बाजार में निकलने से परहेज कर रहे हैं ऐसे में उनके गेट पर ही सामान मिलने लगा है।
 
फल विक्रेता सुभावती देवी ने बताया कि शुरुआती दिनों में हमारे ठेले से बहुत कम ही लोग सब्जी खरीदते थे। इसलिए काफी दूर तक सामान बेचने के लिए चक्कर काटना पड़ता था। लेकिन अब लोग भी आदती हो गए हैं। घर बैठने से अच्छा है कि कुछ कमा लेते हैं। कम से कम घर का खर्च तो चल जाता है।

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घर पर ही मिल रही सब्जी, फल

सब्जी विक्रेता कुसमावती ने बताया कि कोरोना संकट में जब बाजार बंद कर दिया गया तो हमारे सामने यही विकल्प था। भोर में घरवाले थोकमंडी से सब्जी लेते आते हैं। धुलने के बाद इसे ठेले पर लगाकर बेचती हूं। अगर गली बाजार स्थायी हो जाए तो सबसे बेहतर है। हमें भी कम मेहनत होगी और ग्राहकों को उनके घर के पास सामान मिल जाएगा।

नौसड़ के पप्पू सिंह ने बताया कि लॉकडाउन जब शुरू हुआ तो सब्जी और फल को लेकर बहुत दिक्कत हुई। अब तो घर के सामने ही सबकुछ उपलब्ध है। दाम भी वाजिब होता है। सब्जियां भी ताजी आ रही हैं। इसलिए खरीदने में कोई दिक्कत नहीं है। अगर यही व्यवस्था हमेशा के लिए लागू हो जाए तो अच्छा होगा। इससे चौराहे पर जाम भी नहीं लगेगा।
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