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पचीस मार्च से शुरू होगा नवरात्र, नौ दिनों तक होगी मां के नौ रूपों की आराधना

Fri, 13 Mar 2020 03:45 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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maa durga
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शक्ति की उपासना का पर्व वासंतिक नवरात्र इस बार नौ दिनों का होगा। यह 25 मार्च से शुरू होकर दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है। एक वर्ष में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीनों को मिलाकर कुल चार बार नवरात्र आते हैं लेकिन चैत्र और आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक पड़ने वाले नवरात्र का महत्व अधिक होता हैं।
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बसंत ऋतु में होने के कारण चैत्र नवरात्र को वासंतिक नवरात्र कहा जाता है। इस दौरान हर दिन मां के नौ अलग-अलग रूपों मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि की पूजा की जाती है। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। इसके बाद लगातार नौ दिनों तक मां की पूजा व उपवास किया जाता है। नवें दिन ही हवन के बाद कन्या पूजन होता है। नौ दिनों तक विधि-विधान से व्रत करने वाले श्रद्धालु 10वें दिन पारण करते हैं।

कलश स्थापना का मुहूर्त
कलश की स्थापना 25 मार्च को सुबह पांच बजकर 57 मिनट से दोपहर के तीन बजकर 51 मिनट तक किसी भी समय की जा सकेगी।  

अखिल भारतीय विद्वत महासभा प्रवक्ता पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि एक समय भोजन करके या रात्रि में भोजन करके अथवा बिना मांगे जो मिल जाए, उसी को प्राप्त करके व्रती को भक्तिभाव के साथ व्रत और पूजन करना चाहिए। शास्त्र विधि से पूजन करने में असमर्थ व्यक्ति गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य इत्यादि से ही पूजा करें। यदि पंचोपचार पूजन भी संभव न हो तो केवल पुष्प और जल से ही पूजा करें।
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वासंतिक नवरात्रि की पूजा परम फलदायिनी है। तिथियां कम व ज्यादा होती रहती हैं। ऐसा भी देखा जाता है कि कभी ये नौ दिन का होता है तो कभी आठ ही दिन में पूर्ण हो जाता है। इस वर्ष वासंतिक नवरात्र पूरे नौ दिनों का होगा।
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पंडित नरेंद्र उपाध्याय, ज्योतिर्विद
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