गोरखपुर। अब वंदेभारत ट्रेन की मरम्मत स्थायी रूप से गोरखपुर यांत्रिक कारखाना के वर्कशॉप में होगी। रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर से चलने वाली दोनों ट्रेनों की मरम्मत की मंजूरी दे दी है। अभी गोरखपुर न्यू कोचिंग डिपो में वंदेभारत की धुलाई होती है और मरम्मत का काम चारबाग में होता है।
गोरखपुर से चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों की मरम्मत, रखरखाव व सफाई-धुलाई को लेकर शुरू से ही दिक्कतें आ रही थीं। इस ट्रेन की मरम्मत व रखरखाव के लिए अलग से डिपो की आवश्यकता है। अब यांत्रिक कारखाना में वंदे भारत की मरम्मत को स्थायी मंजूरी मिल जाने से रेल प्रशासन ने राहत की सांस ली है। कारखाने में एलएचबी, पावरकार और मेमू ट्रेनों के बाद अब वंदे भारत रेक की भी मरम्मत होगी। भविष्य में यहां अन्य जोन के वंदेभारत के रेक की भी मरम्मत की जाएगी।
दो वंदे भारत चलती हैं गोरखपुर से
गोरखपुर से प्रयागराज और पाटलिपुत्र के बीच दो वंदे भारत ट्रेनें चलती हैं। सात जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर जंक्शन से पहली वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई थी।
गोरखपुर वर्कशॉप में वंदेभारत रेक की स्थाई रूप से मरम्मत होगी। इसको लेकर बोर्ड ने पत्र जारी कर दिया है। गोरखपुर वर्कशॉप में ही मरम्मत हो जाने से काफी सहूलियत होगी।
सुमित कुमार, सीपीआरओ-एनईआर