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UPSC CSE Topper 2025: टेंपो चालक का बेटा बना आईएएस, देवरिया की बहू ने भी लहराया परचम; सेल्फ स्टडी से पाई सफलता

Sat, 07 Mar 2026 03:24 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया

सार

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में टेंपो चालक के बेटे ने दूसरी कोशिश में सफलता पाई है। वो आईएएस बन गया है। वहीं, देवरिया की बहू समीक्षा ने 56वां रैंक हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। जबकि भेड़ा पाकड़ निवासी रवि श्रीवास्तव ने 371वां रैंक हासिल किया है।
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यूपीएससी के परिणाम घोषित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट शुक्रवार को घोषित हो गया। इसमें देवरिया जिले के तरकुलवा नगर पंचायत के वार्ड नंबर-14 मीराबाई नगर निवासी टेंपो चालक सुरेंद्र मिश्रा के बेटे अनिल मिश्रा ने 445वीं रैंक हासिल कर आईएएस बने। अनिल को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के घर पर ही सेल्फ स्टडी कर यह उपलब्धि हासिल की है।
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मूल रूप से कुशीनगर जिले के फाजिलनगर विकास खंड के रहसू जनोबीपट्टी गांव निवासी सुरेंद्र मिश्रा पिछले करीब 30 वर्षों से तरकुलवा कस्बा में मंडी परिसर के पीछे आवास बनाकर रहते हैं। वह टेंपो चलकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। खराब आर्थिक स्थिति के बाद भी उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोताही नहीं की।

उनके सबसे छोटे बेटे अनिल मिश्रा ने विद्या मंदिर देवरिया से साल 2017 में हाईस्कूल व साल 2019 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। बीए की पढ़ाई साल 2022 में उन्होंने रमेश चंद्र राव नवतप्पी महाविद्यालय रामपुरगढ़ से उत्तीर्ण की। इसके बाद अनिल ने यूपीएससी की तैयारी करने का मन बनाया। आर्थिक तंगी के चलते घर पर रहकर ही वह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। कठिन परिश्रम व लगन के चलते साल 2024 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में साक्षात्कार तक पहुंचे थे।

 

साल 2025 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 445वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का गौरव हासिल किया। सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि बेटे ने अपनी मेहनत के दम पर ये मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि बड़ा बेटा श्रवण मिश्रा बीएसएफ में तैनात है। दूसरा बेटा अभय मिश्रा इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी है। 

अमित ने घर पर ही रहकर अपनी तैयारी की और सफलता हासिल की है। अनिल मिश्रा के आईएएस बनने की खबर मिलते ही तरकुलवा कस्बा स्थित उनके आवास पर शुक्रवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया।

भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र प्रताप राव, नगर पंचायत अध्यक्ष जनार्दन कुशवाहा, भाजपा मंडल अध्यक्ष दुष्यंत राव, दिनेश प्रताप राव, जयंत सिंह, दिवाकर राव, गणेश राव, थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह, सुजीत सिंह आदि ने अनिल को बधाई दी।

 

माता-पिता के आशीर्वाद और कठिन परिश्रम से मिली सफलता-अनिल मिश्रा
नगर पंचायत के वार्ड नंबर-14 मीराबाई नगर निवासी सुरेंद्र मिश्रा के तीन बेटों में सबसे छोटे अनिल मिश्रा को यूपीएससी-2025 में 445 वीं रैंक प्राप्त कर आईएएस बनने का गौरव मिला है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता का आशीर्वाद भाइयों का सहयोग और कठिन परिश्रम को दिया है। उन्होंने संवाद न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम और लगन से प्रयास किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। संसाधनों का अभाव बाधक नहीं बन सकता। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि हालत भले प्रतिकूल हो, लेकिन इससे कभी निराश नहीं होना चाहिए। हमें परिस्थितियों का सामना करते हुए कठिन परिश्रम करना चाहिए।

देवरिया की बहू ने लहराया परचम
यूपीएससी के घोषित परिणाम में क्षेत्र के खजुरी भट्ट की समीक्षा ने 56वां रैंक हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। जबकि भेड़ा पाकड़ निवासी रवि श्रीवास्तव ने 371वां रैंक हासिल किया है। दोनों की सफलता पर लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है।

 

खजुरी भट्ट निवासी कृष्णचंद्र मिश्र उर्फ पप्पू की बहू समीक्षा ने दूसरी बार में यूपीएससी परीक्षा में 56वां रैंक हासिल किया है। परिजनों के अनुसार इससे पूर्व वह बैंक ऑफ इंडिया में पीओ के पद पर कार्य कर चुकी हैं। वह एक दिन के लिए केनरा बैंक में भी पीओ पद पर काम किया था। नौ मार्च को उन्हें मिनिस्ट्री ऑफ कामर्स में डिप्टी मैनेजर पद पर ज्वाइन करना था। इनके पति सुमित मिश्रा बैंक अधिकारी हैं।

 

समीक्षा की शिक्षा-दीक्षा कानपुर आईआईटी और बेंगलुरू से हुई है। वह अपनी सफलता का श्रेय माता सुनीता देवी, पिता एसएन द्विवेदी और सास रेखा मिश्रा और ससुर कृष्णचंद्र मिश्र को दे रही हैं।

दूसरी ओर भेड़ापाकड़ निवासी सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव व आशा देवी के बेटे डॉ. रवि श्रीवास्तव ने 371वां रैंक हासिल की है। उन्होंने देवरिया से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद जर्मनी से रसायन विज्ञान में पीएचडी की उपाधि हासिल की है। रवि की ससुराल गोरखपुर में है।

 
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उनके ससुराल के पास वरिष्ठ शिक्षक नेता दीप्तिमान श्रीवास्तव का आवास है। पूर्व में रवि के ससुराल पक्ष के 2012 बैच के पीसीएस टॉपर अभिनव रंजन श्रीवास्तव गोरखपुर के सिटी मजिस्ट्रेट रह चुके हैं। जबकि गौरव रंजन श्रीवास्तव वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी हैं। कीर्तिमान श्रीवास्तव जिला पर्यटन अधिकारी प्रयागराज के पद पर हैं। दोनों के कामयाबी पर न्यायाधीश कृपाशंकर शर्मा, सौरभ मिश्र, पल्लवी, संतोष मद्धेशिया, मनोज मद्धेशिया, शौर्य सिंह, अभिषेक गुप्त, सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव, बृजेंद्र लाल, शशि प्रभा आदि ने हर्ष व्यक्त किया।
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