वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुनील कमानी ने बताया कि न्यायालय में केस चल रहा था, मेरे पक्ष में फैसला मिला है। न्यायालय के आदेश पर अमीन ने पुलिस फोर्स की मांग की थी। सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में मकान को खाली करने का काम किया जा रहा था, तभी कुछ अराजक लोग आकर हंगामा करने लगे और मकान खाली नहीं करने दिए।
जब कोर्ट के आदेश पर अमीन के साथ पुलिस गई थी तो फिर बाहरी लोगों को मैं क्यों बुलाऊंगा। अमीन एक हफ्ते पहले नोटिस लेकर गया, लेकिन उसे रिसीव नहीं किया गया था, इसके बाद कोर्ट के आदेश पर प्रक्रिया के तहत सोमवार को कार्रवाई की जा रही थी।
पूर्व विधायक की बहू आद्या शक्ति मिश्रा ने आरोप लगााया कि कुछ प्राइवेट लोग मेरे पास आए और बोले कि उनके पास आदेश है, घर को खाली करिए। लेकिन, कोई नोटिस का आदेश नहीं दिखाए।
सभी लोग जबरदस्ती घर में घुस गए और घर में रखा सामान निकाल कर बाहर फेंकने लगे। घर में रखे सोने के जेवर उठा ले गए। विरोध करने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए तो वे लोग भाग गए। इसकी जानकारी एसएसपी को पत्र के जरिए और आईजीआरएस के माध्यम से दी है।
एसएसपी गौरव ग्रोवर ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर पुलिस आवास खाली कराने गई थी। पुलिस सख्ती के साथ न्यायालय के आदेश का पालन कराएगी। पूर्व विधायक के परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं। सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।