सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस ने भले ही जिला पंचायत वार्डों से प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन किसी ने पार्टी का चुनाव निशान नहीं दिया था। हर प्रत्याशी को अलग-अलग चुनाव चिह्न मिला था। इस कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी प्रत्याशियों के जीत का एलान निर्दलीय के रूप में किया है। आयोग ने जो नतीजा घोषित किया है, उसमें जीतने वाले किसी प्रत्याशी के नाम के आगे पार्टी का नाम नहीं है।
राजनीतिक दलों ने घोषित सूची के हिसाब से अपने-अपने प्रत्याशियों के जीत के दावे किए हैं। भाजपा की जिला और महानगर इकाई की तरफ से कहा गया है कि पार्टी की ओर से घोषित 19 प्रत्याशी जीते हैं। भाजपा के छह बागियों को भी जीत मिली है। सबने पार्टी को समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। इस हिसाब से विजेताओं की संख्या 25 हो गई है।
सपा की ओर से घोषित 13 प्रत्याशियों की जीत हुई है। छह विजेता ऐसे हैं, जो पार्टी की फ्री एंड फाइट नीति से चुने गए हैं। पार्टी के जहां से दो मजबूत दावेदार देखे थे, वहां से अधिकृत प्रत्याशी नहीं उतारे थे। पार्टी ने साफ किया था कि जो भी प्रत्याशी जीतेगा, वह सपा का होगा। लिहाजा, पार्टी की ओर से 19 जिला पंचायत सदस्यों के जीतने की बात कही गई है। बसपा के सात उम्मीदवार जीते हैं।
आंकड़े एक नजर में
जिला पंचायत के कुल वार्ड-68
भाजपा (बागी सहित)- 25
सपा (फ्री एंड फाइट सहित)-19
बसपा-6
निर्दलीय-16
निषाद पार्टी-1
भीम आर्मी-1