मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल के संसाधनों और गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत हर गांव में खेल के मैदान व ओपन जिम विकसित किए जा रहे हैं। जिला स्तर पर स्टेडियम व ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार भरपूर धनराशि देने के साथ उन्हें सरकारी नौकरी दे रही है।
डेढ़ लाख रुपये मासिक मानदेय पर कई कोच नियुक्त किए गए हैं। एकलव्य क्रीड़ा कोष से भी खिलाड़ियों को मदद दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने और पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को भरपूर पुरस्कार राशि तो दिया ही जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वालों को राजपत्रित पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। प्रदेश में 500 खिलाड़ियों को नियुक्ति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष कबड्डी प्रतियोगिता पुरस्कार की धनराशि दोगुना करने के निर्देश दिए।
यूपी ने देश को दी हैं कई खेल विभूतियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने देश को कई खेल विभूतियां दी हैं। एशियन गेम्स में देश ने पहली बार पदकों का आंकड़ा 100 पार किया तो इसमें यूपी के खिलाड़ियों की भी बड़ी भागीदारी रही। देश ने गत एशियन गेम्स में मिले 70 पदक की तुलना में इस बार 107 पदक जीते।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, प्रदेश के खेल सचिव एलवाई सुहास, खेल निदेशक आरपी सिंह, यूपी कबड्डी संघ के अध्यक्ष विकास सिंह, महासचिव राजेश कुमार, यूपी कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष दिनेश सिंह, जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष अरुणेश शाही, ओलंपियन प्रेम माया, पन्नेलाल यादव, डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर आदि मौजूद रहे।