उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पिछले साल एक साथ 20 से ज्यादा कारतूस खरीदने वालों का जिला प्रशासन सत्यापन कराएगा। यूं तो साल भर में 200 कारतूस और एक बार में अधिकतम 100 कारतूस खरीदे जा सकते हैं, मगर प्रशासन पंचायत चुनाव के मद्देनजर एहतियातन ऐसा कर रहा है।
ज्यादा कारतूस लेने वालों की सूची शस्त्र विक्रेताओं से मांगी गई है। इसके बाद सत्यापन का काम शुरू होगा। उधर, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट व शस्त्र प्रभारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने गोलघर स्थित चार शस्त्र दुकानों का निरीक्षण कर वहां के रिकार्डों का सत्यापन किया।
इन दुकानों में रॉयल गन हाउस, अमन गन हाउस, गणेश गन हाउस और राजेश गन हाउस शामिल हैं। चारों जगहों पर यह जांचा गया कि जितने कारतूस बिके हैं, नियम के मुताबिक उसका 80 फीसदी खाली खोखा दुकानों को वापस मिला या नहीं।
सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि इस बिंदु पर हुई जांच में सभी दुकान सही पाए गए हैं। इसी तरह यह जांचा गया कि इन दुकानों से साल भर के भीतर किसने सबसे ज्यादा कारतूस खरीदे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि इसका ब्योरा दूसरी शस्त्र दुकानों से भी जुटाया जा रहा है। उनका कहना है कि कोई भी लाइसेंसधारी साल भर में अधिकतम 200 या एक साथ 100 कारतूस खरीद सकता है।
उन्होंने बताया कि 100 कारतूस तो किसी ने नहीं खरीदा है मगर कुछ ने 50 कारतूस तक खरीदे हैं। ऐसे में 20 से अधिक कारतूस लेने वालों का सत्यापन करने का निर्णय किया गया है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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