दरअसल एक ही वोटर को प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी अपना-अपना चुनाव चिन्ह याद दिला रहे थे। ऐसे में तमाम वोटर भ्रमित हो जा रहे थे। कई वोटर तो सिर्फ अपनी पसंद के प्रधान पद के प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह याद रख पाए और बाकी पदों के लिए आंख बंद कर मोहर लगा दी।
उधर एक साथ चार मतपत्र एकत्रित करने और उस पर मोहर लगाकर फिर उसे बाक्स में डालने पर बहुत समय लग जा रहा था जिससे मतदान की रफ्तार धीमी रही और ज्यादातर बूथों पर लंबी लाइन लगी रही। चिलचिलाती धूप में महिला, पुरुष मतदाता कभी बैठकर तो कभी खड़े होकर अपनी बारी आने की प्रतीक्षा करते रहे। मतदान की धीमी रफ्तार को लेकर सेक्टर मजिस्ट्रेट, रिटर्निंग आफिसर, जोनल मजिस्ट्रेट से लोगों ने शिकायत भी की मगर सिवाय खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने के इसका कोई हल नहीं निकल पाया।
बूथों के निरीक्षण के दौरान प्रेक्षक संजय कुमार खत्री सहजनवां ब्लाक के रेशमा रावत इंटर कॉलेज पहुंचे तो वहां भी मतदान की रफ्तार धीमी लगी। उन्होंने बूथ संख्या एक, दो व तीन पर मतदान कर्मी बढ़ाने के लिए एसडीएम सुरेश राय को निर्देशित किया। चरगांवा ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पकड़ी में बूथ संख्या 20 पर मतदान की सुस्त रफ्तार को लेकर रिटर्निंग आफिसर एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट से शिकायत भी की गई। इसी तरह जंगल कौड़िया ब्लाक के भंडारो व अन्य ग्राम पंचायतों से भी मतदान की रफ्तार को लेकर प्रत्याशियों ने शिकायत की। गोला, पिपराइच, गगहा, उरुवा, बड़हलगंज सहित कई ब्लाकों में इसी तरह की समस्या बनी रही।