पंचायत चुनाव के लिए उम्मीदवार की उम्र नामांकन पत्र जमा करने के दौरान 21 साल से कम नहीं होनी चाहिए। अगर कैंडिडेट की आयु इससे कम होगी तो उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों को प्रशासन की तरफ से जारी किए गए नियमों और निर्देशों को भी ध्यान में रखना होगा।
नामांकन पत्र, जमानत राशि पर इतना खर्च करना पड़ेगा
कोई भी प्रत्याशी किसी भी पद के लिए ज्यादा से ज्यादा चार सेट में नामांकन पत्र दाखिल कर सकेगा। ग्राम पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार को नामांकन पत्र के लिए 150 रुपये खर्च करना पड़ेगा। वहीं, इस पद की जमानत धनराशि 500 रुपये जमा करनी होगी। इसके अलावा जो प्रत्याशी प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करेंगे उन्हें 300 रुपये देने होंगे।
बीडीसी और प्रधान पद के लिए प्रत्याशी को 2000 रुपये की जमानत राशि जमा करनी होगी। जिला पंचायत सदस्य पद के नामांकन के लिए 500 रुपये जबकि जिला पंचायत सदस्य पद की जमानत राशि 4000 रुपये निर्धारित की गई है। अगर कैंडिडेट एससी, एससी महिला, ओबीसी, ओबीसी महिला है तो उन्हें तय राशि का आधा ही जमा करना होगा। बता दें कि नामांकन पत्र नगद देकर तुरंत ही प्राप्त किया जा सकता है। वहीं, जमानत राशि ट्रेजरी चालान से बैंक या ट्रेजरी में जमा करनी होगी।
प्रधान पद पर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को ग्राम पंचायत का निवासी होना जरूरी है। इसके अलावा प्रस्तावक को भी ग्राम पंचायत का निवासी होना जरूरी है। अगर उम्मीदवार संबंधित ग्राम पंचायत से है तो वह किसी भी वार्ड से चुनाव लड़ सकता है मगर इसके लिए जरूरी है कि उसका प्रस्तावक उस वार्ड का वोटर हो, जिस वार्ड से वह चुनाव लड़ रहा है।
इसी तरह बीडीसी का उम्मीदवार पंचायत के किसी भी वार्ड से लड़ सकता है, लेकिन उसका प्रस्तावक उसी वार्ड का होना जरूरी है, जिस वार्ड से वह चुनाव लड़ने जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य पद का प्रत्याशी भी अपने वार्ड के साथ-साथ किसी अन्य वार्ड से भी चुनाव लड़ सकता है। बशर्ते उसका प्रस्तावक उसी वार्ड का ही होना चाहिए, जिस वार्ड से उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर रहा है।
आपराधिक रिकार्ड की भी देनी होगी जानकारी
नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ ही उम्मीदवार को अनुलग्नक-1 भरना होगा। ग्राम पंचायत सदस्य नामांकन पत्र के साथ सिर्फ घोषणा पत्र भर सकता है लेकिन अन्य पदों के उम्मीदवारों को अनुलग्नक-1 के साथ शपथ पत्र भी भरना अनिवार्य होगा। इसका नोटरी, तहसीलदार या नायब तहसीलदार से सत्यापन जरूरी होगा।