फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: मंदिर की जमीन को लेकर गहराया विवाद... राज्य मंत्री पर आरोप लगाते हुए सड़क पर उतरे महंत, जानें पूरा मामला

Tue, 19 Aug 2025 06:01 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया

सार

देवरिया में श्री मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर की जमीन पर कब्जा करने को लेकर हंगामा हुआ है। महंतों ने राज्य मंत्री पर मंदिर की जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। महंत ने कहा कि गुंडों व प्रशासन की मिलीभगत से मंदिर की जमीन पर दीवार खड़ी कर दी गई।
विज्ञापन
राज्य मंत्री पर मंदिर की जमीन कब्जाने का आरोप, महंत सड़क पर उतरे - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देवरिया खास स्थित श्री मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राजेश नारायण दास मंगलवार की सुबह मंदिर चौराहे पर धरने पर बैठ गए। 
विज्ञापन


उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं और प्रशासन उनकी मददगार की भूमिका निभा रहा है। धरने की जानकारी मिलते ही मंदिर परिसर और आसपास अफरा-तफरी मच गई। 

बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना पर एसडीएम श्रुति शर्मा, सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी, कोतवाल डीके सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। 
विज्ञापन


इसके बाद महंत को समझा-बुझाकर रास्ते से हटवाया। श्रृति शर्मा ने शाम पांच बजे मंदिर की भूमि की नापी कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद महंत राजेश नारायण दास मानने को तैयार हुए। देर शाम तक नापी का कार्य चल रहा था।
 

मंत्री ने दबंगई और प्रशासन की मिलीभगत से खड़ी की दीवार
धरना स्थल पर महंत राजेश नारायण दास ने आरोप लगाया कि मंत्री अपने पद का दुरुपयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर की भूमि पर कुछ दिन पूर्व जबरन दीवार खड़ी कर दी गई। यह सब मंत्री जी ने अपनी दबंगई और प्रशासन की मिलीभगत से कराया। 

 

मैंने बार-बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। महंत का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए कि 18 अगस्त (सोमवार) को मंदिर की तरफ बड़ा गेट तक जबरन खड़ा कर दिया गया। जब उन्होंने प्रशासन से मदद मांगी तो अधिकारी मौन बने रहे। 

महंत ने कहा कि मंदिर जनता की आस्था का केंद्र है और उस पर कब्जे की साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना था कि जब सारी अपीले बेकार चली गईं और प्रशासन भी लाचार दिखा, तब धरने पर बैठने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि मंदिर की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास जारी रहा तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

 
विज्ञापन

स्थानीय लोग भी उतरे समर्थन में
धरना शुरू होते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए। लोगों ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि मंदिर की जमीन धार्मिक आस्था से जुड़ी है, जिस पर किसी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें