बांसगांव संसदीय सीट पर जातीय समीकरण कुछ ऐसा है कि दलित और सवर्ण वोटरों की संख्या मिलाकर करीब आठ लाख हो जाती है। इस बार दलित वोटर दूसरे दलों की ओर खिसक रहे हैं।
ऐसे में गठबंधन के प्रत्याशी का पूरा फोकस दलित मतदाताओं पर है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी सवर्ण वोटरों को साधने में पूरा जोर लगाए हुए हैं। जबकि, बसपा प्रत्याशी डॉ. रामसमुझ काडर वोटरों के अलावा अन्य बिरादरी को सहेजने में लगे हैं।
सड़क, उद्योग, बाढ़ बड़े मुद्दे
- रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के आदर्शनगर के रहने वाले मिर्जा आदिल बेग चुनावी मुद्दों के सवाल पर बेहद तल्ख अंदाज में जवाब देते हैं। वह कहते हैं, यहां विकास की बात अगर कोई करता है, तो समझिए झूठे वादे किए जा रहे हैं। न तो सड़कें ठीक हैं और न ही उद्योग लगे। बाढ़ से लोग परेशान रहते हैं। नौकरी है नहीं, तो युवा पलायन को मजबूर हैं।