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UP: 'लाश और कपड़े पर मिट्टी या कीचड़ का कोई दाग नहीं'; दरोगा की मौत पर एडीएम भाई का टूटा सब्र, धरने पर बैठे

Tue, 10 Feb 2026 03:26 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

बस्ती के परशुरामपुर थाने से ड्यूटी के दौरान लापता हुए दरोगा अजय गौड़ की मौत से आहत एडीएम भाई का कहना था कि उनके भाई की लाश देखकर लग रहा है कि जैसे पानी से साफ किया गया हो। चार दिन बाद लाश मिलने के बाद भी मिट्टी या कीचड़ का कोई दाग नहीं मिली। 
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आरोप लगाते भाई - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बस्ती के परशुरामपुर थाने से ड्यूटी के दौरान लापता हुए दरोगा अजय गौड़ की मौत से आहत झांसी में बतौर एडीएम तैनात उनके बड़े भाई अरुण गौड़ सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पर सब्र खो बैठे। स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए वह धरने पर बैठ गए।
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उनकी पीसीएस अफसर पत्नी ज्योति ने उनसे डीआईजी से मिलने का अनुरोध करते हुए मनाया। डीआईजी संजीव त्यागी ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

मूल रूप से देवरिया जिले के कोतवाली क्षेत्र के मूड़ाडीहा गांव के रहने वाले दरोगा अजय गौड़ परशुरामपुर थाने में तैनात थे। पांच फरवरी उनके पास एसएचओ का प्रभार भी था। उसी दिन शाम को वह लापता हो गए थे। 
 

एडीएम अरुण गौड़ ने बताया कि भाई के लापता होने की जानकारी उन्हें छह फरवरी को अपने पिता से मिली। स्थानीय पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। कहा कि, सीसीटीवी कैमरे यदि समय से खंगाले गए होते उनके भाई को खोजने में इतना लंबा वक्त नहीं लगता और उन्हें बचाया जा सकता था।

 

एडीएम ने आरोप लगाया कि लोगों का ध्यान भटकाने के लिए उनके भाई की तलाश अमहट घाट पर कुआनो नदी में की जा रही थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में उनके भाई को अयोध्या की तरफ जाते हुए देख लिया था मगर यह बात न तो किसी ने उन्हें बताई और न ही अजय की पत्नी रंजीता को ही। 
 

अमहट घाट पर सर्च अभियान भी रविवार की शाम करीब चार बजे अचानक बंद कर दिया गया। एडीएम ने आरोप लगाया कि उनके भाई की लाश अयोध्या में मिल चुकी थी, मगर उन लोगों को यह सूचना शाम करीब 6:30 बजे दी गई। 

 

इससे पहले बस्ती के सीआरओ कीर्ति प्रकाश, एएसपी श्यामकांत और अन्य पुलिस अधिकारियों ने दरोगा के भाई अरुण की मान-मनौव्वल की। सभी अधिकारी किसी तरह अरुण को डीआईजी संजीव त्यागी तक ले जाना चाहते थे, मगर उनका गुस्सा शांत होने का नाम भी नहीं ले रहा था। हालांकि, जैसे-जैसे वक्त बढ़ता गया अरुण शांत हो गए।

लाश और कपड़े पर मिट्टी या कीचड़ का कोई नहीं
एडीएम का कहना था कि उनके भाई की लाश देखकर लग रहा है कि जैसे पानी से साफ किया गया हो। चार दिन बाद लाश मिलने के बाद भी मिट्टी या कीचड़ का कोई दाग नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि दरोगा के लापता होने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले का हल्के से लिया। वह पूरी रात परिवार के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर अलाव जलाकर बैठे रहे, मगर कोई अफसर हाल जानने तक नहीं आया। आरोप लगाया कि, एसपी भी मोबाइल फोन बंद कर चैन की नींद सोते रहे।

हर्रैया की सीओ के व्यवहार से आहत दिखे एडीएम
दरोगा अजय गौड़ के एडीएम भाई अरुण गौड़ हर्रैया की सीओ स्वर्णिमा सिंह के व्यवहार से आहत दिखे। उन्होंने सीओ पर बदसलूकी का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे भाई को खोजने में घोर लापरवाही बरती गई है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लापरवाह पुलिस अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

पुलिस छावनी में तब्दील रहा पोस्टमार्टम हाउस
दरोगा की लाश मिलने के बाद एडीएम भाई अरुण गौड़ की नाराजगी को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस का छावनी में तब्दील कर दिया गया था। कई थानों की पुलिस के साथ सीओ सिटी भी मौजूद रहे। पुलिस लाइंस से भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। परशुरामपुर थाना हर्रैया सर्किल में पड़ने के बावजूद वहां की सीओ पोस्टमार्टम हाउस पर नहीं दिखीं। पुलिस अफसरों ने बताया कि वह अयोध्या में मौजूद हैं और छानबीन कर रही हैं। पोस्टमार्टम हाउस से शव शाम करीब 4:30 बजे देवरिया भेजा गया।

पोस्टमार्टम हाउस पर नहीं दिखी दरोगा की पत्नी रंजीता
शनिवार और रविवार को अमहट घाट पर मौजूद रहकर कुआनो में दरोगा पति अजय गौड़ की तलाश में चल रहे सर्च अभियान की निगरानी करने वाली पत्नी रंजीता सोमवार को नजर नहीं आईं। उनका छोटा बेटा भी पोस्टमार्टम हाउस पर नहीं दिखा। पोस्टमार्टम हाउस पर अजय के एडीएम भाई अरुण गौड़ और उनकी पीसीएस पत्नी ज्योति व अन्य शुभचिंतक मौजूद रहे।
 
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दरोगा अजय गौड़ के परिजन मिलने आए थे। परिवार को साजिश की आशंका है। तहरीर, पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- संजीव त्यागी, डीआईजी बस्ती

 
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