यूपी में लखनऊ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली, बांदा, मुजफ्फ रपुर, पीलीभीत में आयुष मेडिकल कॉलेज हैं। इन सबकी संबद्धता गोरखपुर में खुले रहे पहले आयुष विश्वविद्यालय से रहेगी। यहां आयुर्वेद, योगा, यूनानी, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई के साथ ही इन पद्धतियों से विभिन्न रोगों का इलाज भी संभव हो सकेगा।
नवंबर 2019 में ही गोरखपुर आगमन के दौरान मुख्यमंत्री ने इस संबंध में चर्चा की थी लेकिन इसके बाद मामला सुस्त पड़ गया था। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर जमीन न केवल चिह्नित कर ली गई है बल्कि विश्वविद्यालय के नाम आवंटित भी कर दी गई है।
कनेक्टिविटी के लिहाज से भी भूमि मुफीद
कनेक्टिविटी के लिहाज से भी चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव की जमीन आयुष विश्वविद्यालय के लिए पूरी तरह मुफीद है। फोरलेन से सटा होने के साथ ही वहां से एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा।