गोविवि में एक व्यक्ति, एक पद फार्मूला का दिखने लगा असर, कई और पदों पर बदलाव की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अब अपनी टीम बनानी शुरू कर दी है। उनके एक व्यक्ति, एक पद के फार्मूला का असर दिखने लगा है। पदभार संभालते ही उन्होंने बड़ा फेरबदल किया है। कुलसचिव समेत करीब एक दर्जन महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रो. अजय सिंह को हटाकर उनके स्थान पर भौतिकी विभाग के आचार्य प्रो. शांतनु रस्तोगी को कुलसचिव नियुक्त किया है। तत्कालीन कुलसचिव विश्वेश्वर प्रसाद के स्थानांतरण के बाद प्रो. अजय सिंह को कुलसचिव की भी जिम्मेदारी दी गई थी। विवि में अभी कई अन्य पदों पर भी बदलाव की चर्चा है।
लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी प्रो. शांतनु रस्तोगी करीब 30 वर्ष से गोरखपुर विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहे हैं। जर्मनी की प्रसिद्ध अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट फेलोशिप से सम्मानित प्रो. रस्तोगी एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट रहें हैं। प्रो. रस्तोगी भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष और विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष समेत विश्वविद्यालय के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। बुधवार को विश्वविद्यालय के नए कुलसचिव के रूप में उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया।
दो कर्मचारियों की भी वापसी
प्रो. अजय सिंह ने कुलसचिव का पद संभालते ही कई कर्मचारियों का विभाग बदल दिया था। अब उनकी वापसी हो रही है। कुलसचिव कार्यालय से हटाए गए अनिल पांडेय को वापस कुलसचिव कार्यालय में बुला लिया गया है, जबकि देवी सिंह को कुलपति कार्यालय में वापस भेजा गया है। वहीं मनीष गुप्ता को आईटीसी सेल से कुलपति कार्यालय में तैनात किया गया है।