जनसभा को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा साथ में सीएम योगी।।
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केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा कि गोरखपुर का खाद कारखाना अब जुलाई की बजाय 30 जून तक क्रियाशील हो जाएगा। इसी तरह जुलाई में रामगुंडम और दिसंबर 2021 में बरौनी व सिंदरी खाद कारखाना में भी उत्पादन शुरू होगा। एक साल का समय वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावित रहने के बावजूद गोरखपुर खाद कारखाने का कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सका, जिसका पूरा श्रेय राज्य की योगी सरकार को है।
केंद्रीय मंत्री ने बृहस्पतिवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के खाद कारखाना का निरीक्षण किया। फिर कारखाना परिसर में ही पत्रकारों से बात की और कहा कि खाद कारखाना का 98 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अब उत्पादन शुरू होगा। देश में चार स्थानों पर लग रहे यूरिया प्लांट से भारत आत्मनिर्भर बन जाएगा। हमें पहले 80 से 90 लाख मीट्रिक टन खाद का आयात करना पड़ता था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भरता के विजन से इस आयात पर निर्भरता समाप्त करने को गोरखपुर समेत चार स्थानों पर नए प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन प्लांटों से 62 लाख मीट्रिक टन खाद का उत्पादन सुनिश्चित होगा। गोरखपुर का खाद कारखाना शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार के किसानों को समय से और उचित मूल्य पर यूरिया खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की दूरदर्शिता से कोविडकाल के बावजूद खाद की बिक्री में 60 फीसद का इजाफा हुआहै। किसानों का हित सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इसी सिलसिले में ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि खाद सब्सिडी का शत प्रतिशत पैसा सीधे किसानों के खातों में पहुंच रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गोरखपुर में इस खाद कारखाने को स्थापित करने की पहल सांसद रहते हुए योगी आदित्यनाथ ने की। सदन में वे खाद कारखाने के लिए हमेशा आवाज उठाते रहे। अब उनका सपना पूरा होने जा रहा है। उन्होंने सीएम योगी की सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले दिन से मुख्यमंत्री ने खाद कारखाने से जुड़ी हर मांग स्वीकार कर कार्य को आगे बढ़ाया।