पुरानी पेंशन स्कीम को दोबारा लागू कराने की मांग को लेकर दो दशक से आंदोलन कर रहे कर्मचारी संगठनों के लिए शनिवार को राहत देने वाली खबर आई। केंद्र सरकार ने एनपीएस (न्यू पेंशन स्कीम) और ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) में से बीच का रास्ता चुनते हुए यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दे दी।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यह नई योजना पुरानी पेंशन योजना का विकल्प तो नहीं है, लेकिन इसकी कई शर्तें पुरानी पेंशन स्कीम जैसी ही हैं। इसलिए कर्मचारियों को अब पुरानी पेंशन स्कीम मिलने की उम्मीद प्रबल हो गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय ने कहा कि यह कर्मचारियों और फेडरेशन की आधी जीत है। पुरानी पेंशन की मांग जारी रहेगी। पीआरकेएस कार्यालय पर हुई बैठक में इस नई योजना के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस दौरान पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सतीश चंद्र अवस्थी, केएम मिश्रा, संजीव धर, दीपक चौधरी, कुलदीप मणि त्रिपाठी, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, विजय पाठक, जयप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।
उम्मीद जगी, अब और तेज होगा आंदोलन
पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के महामंत्री बजरंगी दूबे का कहना है कि पुरानी पेंशन के लिए दो दशक से कर्मचारी लड़ाई लड़ रहे हैं। दरअसल पूरा जीवन नौकरी करने के बाद कर्मचारियों को बुढ़ापे में आर्थिक तंगी न झेलनी पड़े, इसलिए ओपीएस की मांग हो रही है। एनपीएस बाजार आधारित व्यवस्था है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम का पूरा विवरण आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी। लेकिन कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।
बुढ़ापा का सहारा जरूरी, हम लड़ेंगे
पुरानी पेंशन स्कीम के बदले सरकार ने अभी जो यूनिफाइड पेंशन स्कीम दी है, उससे उम्मीद जगी है। कम से कम पेंशन दुबारा मिलने की बात तो स्पष्ट हो ही गई। रही बात कुछ शर्तों की, जैसे पुरानी पेंशन में 20 साल की सेवा पर पूरी पेंशन मिलती है, जबकि यूनिफाइड में इसके लिए 25 साल का समय तय है, इन सब पर अभी विचार होगा।
अच्छी बात यह है कि सरकार को अब जाकर यह समझ में आया है कि कर्मचारियों की मेहनत का बुढ़ापे में सम्मान होना चाहिए।
सरकारी कर्मचारियों को सरकार की बड़ी सौगात
यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी देकर केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और उनके परिवार को राहत दी है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य डॉ धर्मेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, देवेश श्रीवास्तव, दिव्येंदु नाथ, रणविजय शाही, आलोक सिंह, माया शंकर शुक्ला, जितेंद्र वर्मा, अनिल सिंह, प्रभाकर, अभिषेक, शिवम पाण्डेय, विनोद गुप्ता, राना सिंह, अरविंद निषाद आदि ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार को बधाई दी है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने यह फैसला आम आदमी के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया है।