जेल प्रशासन के अनुसार, 21 अगस्त की शाम अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे दौरा पड़ा। जेल में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया।
गोरखपुर जिला जेल में तीन दिन पहले दाखिल हुए 30 वर्षीय विचाराधीन बंदी समीर शेख की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वह पीपीगंज क्षेत्र के जसवल बाजार का रहने वाला था। घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े एक मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद उसे तीन दिन पहले न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया था।
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जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि समीर शेख को 19 अगस्त 2026 को जिला जेल में दाखिल किया गया था। वह पहले से क्रॉनिक अल्कोहलिक था और लीवर व किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित था।
जेल प्रशासन के अनुसार, 21 अगस्त की शाम अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे दौरा पड़ा। जेल में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया।
जेल प्रशासन के मुताबिक, इलाज के दौरान उसकी हालत गंभीर बनी रही और रात करीब 8:30 बजे विशेषज्ञ चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मृतक बंदी के परिजनों को दे दी गई है। जेल प्रशासन ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने के लिए सक्षम मजिस्ट्रेट नामित करने का अनुरोध किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।