- दोस्त की बर्थडे पार्टी से लौटते समय एनएच-28 पर 15 मील चौराहे के पास हुआ हादसा
- हादसे के शिकार सभी युवक कुशीनगर के हाटा क्षेत्र के रहने वाले
संवाद न्यूज एजेंसी
सरदारनगर। एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग स्थित 15 मील चौराहे के पास मंगलवार देर रात दोस्त की जन्मदिन पार्टी से लौट रहे युवकों की कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में कार सवार नीलेश गौड़ (22) और अमन गौड़ (24) की मौत हो गई। जबकि पीछे की सीट पर बैठे अंकित जायसवाल, सिद्धार्थ निषाद और दिलीप जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया है।
पुलिस के अनुसार, कुशीनगर के हाटा कोतवाली क्षेत्र के सुकरौली निवासी नीलेश गौड़, अमन गौड़, दिलीप जायसवाल, अंकित जायसवाल और सिद्धार्थ निषाद हाटा में दोस्त के जन्मदिन की पार्टी के बाद कार से गोरखपुर की ओर जा रहे थे। रात करीब तीन बजे 15 मील चौराहे के पास उनकी कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में कार के परखचे उड़ गए और पांचों युवक कार में ही फंस गए। घटना स्थल के कुछ दूरी पर एम्स थाने की सोनबरसा चौकी की पुलिस टीम हाईवे पर बैरिकेडिंग कर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।
हादसे की सूचना पर चौकी प्रभारी सोनबरसा विवेक अवस्थी टीम के साथ पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी देवतहा भिजवाया जहां डॉक्टरों ने नीलेश गौड़ और अमन गौड़ को मृत घोषित कर दिया। तीन गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
जन्मदिन पार्टी से लौटते समय अमन को गोरखपुर छोड़ने जा रहे थे युवक
हादसे में जान गंवाने वाले नीलेश गौड़ दो भाइयों में छोटा और अविवाहित था। अमन अपने माता-पिता का एकलौता बेटा था और दो बहनों में सबसे छोटा था। वह गोरखपुर में रहता था। बताया जा रहा है कि सभी युवक हाटा में एक दोस्त का जन्मदिन मनाकर अमन को गोरखपुर छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान रामपुर 15 मील पर हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई।
एनएचएआई की मोबाइल टीम नहीं कर रही भ्रमण
हाईवे पर होने वाले सड़क दुर्घटनाओं में खराब व क्षतिग्रस्त होने वाले वाहनों को हटाने, घायलों को अस्पताल भिजवाने और सड़क की साफ सफाई आदि कार्यों के लिए एनएचएआई की जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क दुर्घटना होने या किसी गाड़ी के खराब होने पर एनएचएआई की मोबाइल टीम के लोग लापता रहते हैं। मंगलवार रात में सड़क दुर्घटना में कार में फंसे युवक को निकालने और कार को सड़क से हटाने के लिए पुलिस को स्थानीय लोगों के ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। इस हादसे के समीप ही बीच सड़क पर एक ट्रक खराब होकर खड़ा था। लेकिन उससे सुरक्षा के लिए संकेतक नहीं लगाए गए थे। हादसे के काफी देर बाद पहुंची मोबाइल टीम ने लोगों के कहने पर संकेतक लगाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्तमान में एनएचएआई की मोबाइल टीम अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार नहीं है।
कोट
हादसे में घायल युवकों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक युवकों के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। हादसे की जांच की जा रही है।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट