गोरखपुर विश्वविद्यालय : कौन सा व्यवसाय
फायदेमंद, उद्यमिता विकास केंद्र बताएगा
राजन राय
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में जल्द ही स्टार्टअप के लिए उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित होगा। यहां नया व्यवसाय शुरू करने वालों को एक निश्चित शुल्क लेकर परामर्श सेवाएं दी जाएंगी। उन्हें सरकार से मिलने वाली वित्तीय मदद भी मुहैया कराई जाएगी। इसका खाका तैयार किया जा रहा है। भविष्य में 100 स्टार्टअप शुरू करने की तैयारी भी है।
प्रशासनिक भवन परिसर में बने पंडित दीन दयाल उपाध्याय शोधपीठ भवन में इसे स्थापित किया जाएगा। महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ जब नए भवन में स्थापित होगी तो उस जगह को और ज्यादा विकसित किया जाएगा। छोटे-छोटे केबिन बनाकर उद्यमिता को बढ़ावा देने और पोषित करने का कार्य केंद्र की ओर से किया जाएगा।
नए व्यवसाय करने वालों को उनकी जरूरत के मुताबिक बाजार के ट्रेंड, फायदे, निवेश, बाजार की स्थिति के बारे में बताया जाएगा। उनके दस्तावेज को लेकर प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे। बदले में विश्वविद्यालय एक निश्चित शुल्क लेगा।
उद्यमिता विकास केंद्र को जल्द स्थापित किया जाएगा। सरकार डीएसटी और अटल इनोवेशन सेंटर से आर्थिक पैकेज दे रही है। इस पैकेज को एकत्र करेंगे। मुझे लगता है कि यह नए व्यवसाय करने वालों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। विश्वविद्यालय से भी पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अगर स्टार्टअप की योजना बनाएंगे तो उन्हें बेहतर परामर्श के साथ अन्य सुविधाएं मिल जाएंगी।
प्रो. राजेश सिंह, कुलपति
पॉलिटिकल लीडरशिप कोर्स भी बनेेगा रोजगार का जरिया
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में पॉलिटिकल लीडरशिप कोर्स शुरू करने की योजना है। इसके जरिए विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और चुनावी प्रबंधन का गुर विकसित किया जाएगा। कुलपति प्रो. राजेश सिंह के मुताबिक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में लीडरशिप का एक केंद्र है। उनके सहयोग से विशेषज्ञ का ऑनलाइन लेक्चर भी लेंगे। कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीतिक दल अब ऐसे ही विशेषज्ञों की मदद चुनाव में ले रहे हैं। यह कोर्स रोजगार का एक बेहतर जरिया बन सकता है।