गोरखपुर जिले के खजनी इलाके के रकौली गांव निवासी सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने अपने बेटे और सहयोगियों के साथ मिलकर गुरुवार शाम को गांव के ही दो युवक को बंधक बनाकर पीट दिया। पीड़ितों के परिजनों की तहरीर पर खजनी पुलिस ने प्रह्लाद, उनके बेटे सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक रकौली गांव निवासी प्रह्लाद यादव समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं। आरोप है कि बृहस्पतिवार की शाम उनके पुत्र कृष्णा यादव का गांव के ही विकेश राम त्रिपाठी और शशांक राम त्रिपाठी से कहासुनी हो गई। इसी दौरान प्रह्लाद भी अपने कुछ सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंच गए।
आरोप है कि प्रह्लाद ने बेटे कृष्णा यादव, चंदन यादव सहित छह-सात लोगों के साथ मिलकर विकेश और शशांक को कमरे में बंद कर बेरहमी से पीट दिया। विकेश और शशांक की चीख-पुकार सुनकर कुछ लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें मुक्त कराया।
घटना के बाद पीड़ितों के परिजन थाने पहुंचे और मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने विकेश के बाबा दिवाकर राम त्रिपाठी की तहरीर पर विकेश और शशांक को मेडिकल के लिए भेज दिया। उन्होंने प्रह्लाद यादव, उनके बेटे कृष्णा, चंदन यादव सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी देने, उपद्रव फैलाने और बंधक बनाने की धारा में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पूर्व जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने बताया कि मामला पूरी तरह से फर्जी है। राजनैतिक द्वेष में केस दर्ज कराया गया है। 31 दिसंबर को कुछ लोग शराब पीकर आए थे। मैंने ही पुलिस को बुलाया और उलटे मेरे ही खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।