भारत-नेपाल सीमा पर जुटे चीनी नागरिक।
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बीते शनिवार को थाईलैंड से 250 पर्यटकों का एक दल लुम्बनी सोनौली के रास्ते नेपाल गया। सोनौली इमिग्रेशन ने सभी के पासपोर्ट और वीजा चेक कर के वीजा पर डिपार्चर नेपाल के लिए कर दिया। दल भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बनी से भ्रमण कर पुनः सोनौली के रास्ते रविवार की शाम को भारत आया तो सोनोली इमिग्रेशन पासपोर्ट और वीजा चेक किया।
जांच में पाया गया की थाईलैंड के दो नागरिक चीन की यात्रा कर चुके हैं। जिससे 248 को भारत आने की अनुमति दी गई। लेकिन दो यात्री कितिस्क और प्रानिशा को भारत आने की अनुमति नहीं मिली। जिससे दोनों नेपाल वापस हो गए।
बताया जा रहा है कि 250 यह पर्यटकों का दल तीन फरवरी को बौद्ध गया में था। जहां से यह दल लुम्बनी के निकला। शनिवार को यात्रियों का दल नेपाल के लिए रवाना हुआ था। इसी दल के दो यात्री 14 जनवरी को बैंकाक से चीन गए थे। 18 जनवरी को थाईलैंड लौट आया थे। यह दोनो दल में शामिल थे।
आब्रजन अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के निर्देश के अनुपालन में चीन से लौटे किसी भी नागरिक को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इस वजह से दोनो यात्रियों को नेपाल वापस लौट दिया गया।