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यूपी: कमरे में अंगीठी जलाकर सो रही थीं तीन बहनें, दम घुटने से दो की मौत

Mon, 21 Dec 2020 05:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, चिल्लूपार (गोरखपुर)।
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रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सो रही दो बहनों की दम घुटने से मौत हो गई जबकि तीसरी बहन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अंगीठी से मौत को लेकर तरह- तरह की चर्चाएं फैल गईं और फिर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने डॉक्टर से बातचीत के बाद पंचनामा भरकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। उधर, तीसरी बहन की हालत डॉक्टरों ने चिंताजनक बताई है। बताया जा रहा है कि कोयला की अंगीठी कमरे में रखकर बहनें सोई थीं और उससे निकली कार्बनमोनेऑक्साइड गैस से मौत हुई है।
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जानकारी के मुताबिक, बड़हलगंज थाना क्षेत्र के मझवलिया गांव में अवधेश प्रसाद की तीन पुत्रियां प्रतिमा (20), अंतिमा (18) व निधी (17) रविवार की रात एक कमरे में कोयले की अंगीठी जलाकर सो गईं। कमरे में खिड़की व रोशनदान न होने से रात में ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया। वहीं अंगीठी के गैस के चलते कमरे में जहरीली गैस उत्पन्न हो गई। इसके कारण दो बहनों अंतिमा व निधि की मौत हो गई। जबकि प्रतिमा का बड़हलगंज के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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बंद कमरे में इस्तेमाल बेहद खतरनाक

दो बेटियों की मौत के बाद पिता अवधेश बदहवास हो गए हैं। उन्होंने बिलखते हुए बताया कि रात में तीनों बेटियां भोजन करने के बाद कमरे में सोने चली गईं थीं। सोमवार की भोर में सवा तीन बजे जगाने पर कोई आवाज नहीं आई, तो लोहे के रॉड से दरवाजा तोड़ा गया। इस दौरान तीनों बेटियां अचेत थीं।

आनन-फानन तीनों बेटियों को निजी वाहन से अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने दो को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक का इलाज चल रहा है। वहीं परिवार की दो बेटियों की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।
 
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि ब्लोअर, हीटर हो या अंगीठी बंद कमरे में इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कोयला बंद कमरे में जल रहा हो तो इससे कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ जाता है और ऑक्सिजन का स्तर घट जाता है। यह कार्बन सीधे ब्रेन पर असर डालता है और सांस के जरिए पूरे शरीर में फैल जाता है। ब्रेन पर असर होने के कारण कमरे में सोया इंसान बेहोश हो जाता है और समय से ध्यान नहीं दिया गया तो उसकी मौत हो जाती है। ऐसी अवस्था में वह कोई प्रतिक्रिया भी नहीं कर पाता है।
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