पिता की जान बचाने के लिए अपराधियों के सामने खड़ी हुई छात्रा काजल सिंह की हत्या के मामले में पांच साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला जज कोर्ट संख्या दो के पीठासीन अधिकारी नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने हत्याकांड के दो सह आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही दोनों पर दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।अदालत ने सेशन ट्रायल संख्या 222/22 स्टेट बनाम हरीश की सुनवाई पूरी करते हुए गोरखपुर के टांडा निवासी राजन तिवारी और सहारनपुर निवासी हरीश को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले का मुख्य आरोपी विजय प्रजापति था, जिसकी घटना के करीब एक महीने बाद पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।
यह वारदात 20 अगस्त 2021 की रात गगहा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर भलुआन गांव में हुई थी। गांव निवासी राजीव नयन सिंह का शातिर अपराधी विजय प्रजापति से रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि घटना की रात विजय अपने साथियों के साथ हथियार लेकर राजीव नयन के घर पहुंचा और उनके साथ मारपीट करने लगा।
पिता को खतरे में देखकर उनकी 16 वर्षीय बेटी काजल सिंह सामने आ गई। कक्षा 10 की छात्रा काजल ने बदमाशों की करतूत उजागर करने के लिए मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनता देख आरोपी बौखला गए और काजल के पेट में गोली मार दी।
इसके बाद आरोपी उसका मोबाइल लेकर भाग गए। गंभीर रूप से घायल काजल को पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया था। छह दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 26 अगस्त 2021 को उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद तत्कालीन एसएसपी विपिन टाडा ने मामले की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया था। एसटीएफ की कार्रवाई में मुख्य आरोपी विजय प्रजापति गगहा क्षेत्र के गोबरहिया मोड़ के पास मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस ने अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब अदालत के फैसले के बाद दो सह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।