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Gorakhpur News: टीचर ने छात्र का फर्जी खाता खुलवाकर मंगाई ठगी की रकम, प्राथमिकी दर्ज

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गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के शिवरिया गांव में ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक पर छात्र के नाम से फर्जी बैंक खाता खुलवाकर उसमें साइबर ठगी की रकम मंगाने का आरोप लगा है। आरोप है कि केंद्र सरकार की एक योजना का लाभ दिलाने के नाम पर केवाईसी कराने के लिए शिक्षक ने आधार व पैन कार्ड लिया था। पीड़ित छात्र ने मामले में कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री को जनता-दर्शन में प्रार्थनापत्र दिया था।
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मामला संज्ञान में आने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तिवारीपुर के सूरजकुंड सूर्यविहार कॉलोनी निवासी मोहम्मद शाहरुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र शिवरिया गांव निवासी सुधाकर यादव को उस समय मामले की जानकारी हुई जब थाना साइबर क्राइम जौनपुर से उन्हें एक संदिग्ध बैंक खाते के संबंध में नोटिस मिला। छानबीन करने पर पता चला कि उनके नाम से इंडसइंड बैंक की सिविल लाइंस शाखा, गोरखपुर में एक बैंक खाता संचालित है। सुधाकर का कहना है कि उन्होंने कभी बैंक में खाता नहीं खुलवाया।
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पीड़ित के अनुसार, फर्जी खाते में उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड लगाया गया है, लेकिन पिता के नाम के स्थान पर माता का नाम दर्ज है। खाते में अंकित मोबाइल नंबर, पता और जीमेल आईडी भी उनकी नहीं है। उन्हें पासबुक मिली, न चेकबुक और एटीएम कार्ड।



केवाईसी कराने पर योजना के रुपये मिलने का दिया था झांसा



सुधाकर यादव ने आरोप लगाया है कि उनके ट्यूशन टीचर तिवारीपुर के सूरजकुंड सूर्यविहार कॉलोनी निवासी मोहम्मद शाहरुख ने अगस्त 2023 में केवाईसी कराने के नाम पर उनका आधार और पैन कार्ड लिया था। शिक्षक ने उन्हें बताया था कि केवाईसी अपडेट कराने पर केंद्र सरकार की योजना के तहत 2000 रुपये खाते में आएंगे। कुछ समय बाद सुधाकर के वास्तविक खाते, जो बैंक ऑफ बड़ौदा की बैंक रोड शाखा में है, उसमें 2000 रुपये जमा हुए। उन्होंने इसे सरकारी योजना का लाभ समझा। बाद में जांच में पता चला कि यह रकम किसी योजना की नहीं, बल्कि स्वयं शिक्षक की ओर से ट्रांसफर की गई थी। जानकारी के बाद उन्होंने थाना प्रभारी से लेकर एसएसपी तक गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने बीते 11 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री जनता-दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थनापत्र देकर उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद साइबर थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।







आरोपी ने कई छात्रों के नाम से भी खोल हैं खाते



पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने साथ पढ़ने वाले अन्य छात्रों से बात की तो पता चला कि कई के साथ भी इसी तरह के फर्जी खाते खोलने और साइबर लेनदेन का मामला सामने आया है। कई छात्रों को अलग-अलग साइबर थानों से नोटिस मिले हैं। आरोप है कि मोहम्मद शाहरुख पिछले डेढ़ वर्ष से भागा हुआ है। उनके पिता की घासीकटरा चौराहे के पास फर्नीचर की दुकान है, जहां वह सुबह-शाम ट्यूशन पढ़ाते थे। सुधाकर का दावा है कि जब वह आरोपी के घर और दुकान पर पहुंचे तो उनके पिता ने 30 हजार रुपये लेकर जौनपुर का मामला निपटाने की बात कही। इस कथित बातचीत का वीडियो साक्ष्य भी पीड़ित के पास मौजूद है।



इस संबंध में साइबर थाना के सीओ उदय प्रताप सिंह ने बताया कि साइबर सेल की टीम हर बिंदु पर जांच कर रही है। बैंक खाते की संदिग्ध लेन-देन के साथ ही ट्यूशन टीचर की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
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