सुसाइड नोट में पूरा घटनाक्रम लिखा और छात्रा घरवालों से माफी मांगते हुए लिखा कि आप लोगों को बता कर झगड़ा करवाना नहीं चाहती हूं, इसलिए जान देने जा रही हूं। मां कमरे में गई तो मेज पर रखे सुसाइड नोट पर उनकी नजर पड़ गई। पढ़ते ही उनके होश उड़ गए और फिर उसने परिवार के एक करीबी और अपने पति को सूचना दी।
तत्काल दोनों लोग सक्रिय हो गए और राजघाट पुल के पास ही छात्रा को पकड़ लिया। छात्रा रोने लगी तो उसे घर ले जाकर समझाया। फिर शाम को पड़ोसी के घर उलाहना देने गए तो परिवार वाले एकजुट होकर मारपीट करने लगे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विकास प्रजापति, उसके पिता रामप्रसाद, भाई अशोक, विशाल और मां किरन के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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युवती को शोहदा काफी दिनों से परेशान कर रहा था, लेकिन लोकलज्जा के डर से उसने घरवालों को जानकारी नहीं दी थी। फिर अंदर ही अंदर युवती इतनी टूट गई कि उसने खुदकुशी तक करने का फैसला कर लिया था। संयोग अच्छा रहा कि उसकी जान बच गई, नहीं तो कुछ भी भी हो सकता था।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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गोरखपुर जिले में छेड़खानी की कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिसमें बच्चियों की खामोशी ही उनकी मौत की वजह बन गई। खुलकर जब भी बच्चियों ने आवाज बुलंद की तो पुलिस ने केस दर्ज कर शोहदों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। पिपराइच में एक किशोरी इसी तरह शोहदे की छेड़खानी का शिकार हुई थी और फिर उसने खुदकुशी कर ली थी।
आईजी जे. रविंद्र कहते हैं, छेड़खानी या फिर बच्चियों, महिला से जुड़ी कोई भी शिकायत आने पर पुलिस तत्काल सक्रिय हो जाती है। पुलिस कार्रवाई कर आरोपी को सजा दिलाती है। किसी के लिए खुद के जिंदगी को खतरे में डालना ठीक नहीं है। आईजी ने बताया कि डायल 112 के अलावा 1090 पर भी कॉल किया जा सकता है। 1090 सिर्फ महिलाओं के लिए ही है, इस पर शिकायत करने के लिए कहीं न तो जाना होता है और न ही नाम उजागर होता है। नाम गोपनीय रखकर पुलिस कार्रवाई करती है।