गोरखपुर। एम्स में अब कैंसर जैसी जटिल बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। मरीजों को सटीक ट्यूमर पहचान के लिए सीटी सिम्युलेटर और रेडियोथेरेपी की अत्याधुनिक सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई हैं। इसके अलावा, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी कराने वाले मरीजों के लिए 16 बेड का एक विशेष डे केयर सेंटर खोला जा रहा है। इस वार्ड में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मरीजों को थेरेपी मिलेगी।
पूर्वांचल के कैंसर रोगी अब एम्स भी इलाज करा सकते हैं। अभी तक इन्हें इलाज के लिए लखनऊ, दिल्ली या मुंबई जाना पड़ता था। ऐसे में मरीजों को कई तरह की दिक्कतों का सामना पड़ना पड़ता था। एम्स ने अब बेहतर और आधुनिक तकनीकी के साथ कैंसर के उपचार के लिए व्यवस्था को सुदृढ़ किया है।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि एम्स में कैंसर के मरीजों के उपचार और पहचान के लिए सीटी सिम्युलेटर और रेडियोथेरेपी की सुविधा शुरू की गई है। इससे कैंसर मरीजों के ट्यूमर की मशीन से सटीक पहचान हो सकेगी। इसकी पहचान के साथ ही कैंसर से ग्रसित शरीर की कोशिकाएं भी सिर्फ प्रभावित होंगी। स्वस्थ कोशिकाएं उपचार में पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी। इसके अलावा परीक्षण मशीन से थ्रीडी तकनीक के माध्यम से कैंसर वाले हिस्से के चारों तरफ का परीक्षण और उसका फोटो साफ खींची जा सकेगी। परीक्षण के बाद इस मशीन से अत्याधुनिक तकनीक से ट्यूमर की सिकाई की जाती है। इससे आसपास के स्वस्थ अंगों को नुकसान नहीं पहुंचता।