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Gorakhpur News: गोरखपुर में संभलकर करें यात्रा, अनाड़ी हाथों में ई-रिक्शा के हैंडल

Wed, 31 Jan 2024 05:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अविनाश श्रीवास्तव गोरखपुर।

सार

संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन संजय कुमार झा ने कहा कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ई-रिक्शा चलाने वालों पर कार्रवाई की जाती है। इन दिनों कर्मचारियों की कमी है, जल्द ही अभियान चलाकर बिना लाइसेंस ई-रिक्शा चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गोरखपुर ई रिक्शा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर शहर में चल रहे ज्यादातर ई-रिक्शा अनाड़ी हाथों में हैं। किशोर भी ई-रिक्शा चला रहे हैं। आरटीओ के मुताबिक, नौ हजार ई-रिक्शा पंजीकृत हैं और महज पांच हजार के पास ही ड्राइविंग लाइसेंस है। जिनके पास दोपहिया वाहन के लाइसेंस हैं, वे भी ई-रिक्शा चलाने लगे हैं। शहर में ई-रिक्शा के पलटने की घटनाएं आए दिन होती हैं। एक महिला की जान जा चुकी है और बहुत सारे लोग चोटिल हो चुके हैं। इसके बाद भी आरटीओ के जिम्मेदारों की निद्रा नहीं खुल रही है।

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अमर उजाला की टीम ने जब शहर में चल रहे ई-रिक्शा चालकों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की तो चौंकाने वाले पहलू सामने आए। मंगलवार दोपहर एक बजे गोलघर काली मंदिर के पास ई-रिक्शा चालक पुनीत तीन सवारी बैठाकर जा रहा था। पीछे की एक सीट खाली थी, जिसके लिए वह अपने ई-रिक्शा को रोककर इंतजार करने लगा। पुनीत के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। बताया-ड्राइविंग लाइसेंस लेकर नहीं चलता हूं।

दोपहर करीब 1:30 बजे असुरन चौक पर विनय अपने ई-रिक्शा को खड़ा कर सवारी भर रहा था। उसने बताया-दोपहिया वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस है। सवारी वाहन का अभी नहीं बनवा पाया हूं। मुझे तो अभी तक किसी ने रोका नहीं।
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शाम चार बजे गोलघर स्थित एसएसपी आवास से पार्क रोड मार्ग पर कई ई-रिक्शा खड़े थे, जो सवारी का इंतजार कर रहे थे। इस बीच एक ई-रिक्शा चालक जीडीए टॉवर के सामने रुका और उसमें दो महिलाएं बैठ गईं। चालक किशोर था और उसके पास डीएल भी नहीं था। इसी प्रकार कई ई-रिक्शा चालक कम उम्र के चलाते दिखे।

 

एक साल बाद भी निर्धारित नहीं हुआ रूट
एक दिसंबर, 2022 को संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में ई-रिक्शा संचालन के लिए जोन व रूट निर्धारण का निर्णय लिया गया था। एक माह के अंदर प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन एक वर्ष से अधिक हो गए, न जोन निर्धारित हो पाए और न ही रूट। हालांकि, परिवहन विभाग ने छह महीने पहले महानगर को पांच जोन में बांटकर 22 रूट का निर्धारण कर ई-रिक्शा के अलग-अलग रंग का चयन कर प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन उसे भी धरातल पर नहीं लाया जा सका और जिम्मेदार भूल गए।

रात में बंद कर देते हैं लाइट
ज्यादातर ई-रिक्शा चालक यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं, बैट्री डिस्चार्ज न हो, इसलिए ज्यादातर ई-रिक्शा वाले रात में हेडलाइट तक नहीं जलाते हैं। इससे सामने से आ रहे वाहन चालकों को ई-रिक्शा दिखता ही नहीं। इसके चलते भी हादसे हो जाते हैं।

 

यूनिक कोड जारी करने के नाम पर खानापूर्ति
जिले में ई-रिक्शा चालकों के पहचान के लिए परिवहन विभाग की ओर से ई-रिक्शा को यूनिक आईडी जारी की जा रही है। परिवहन विभाग ने कर्मचारी नहीं होने का हवाला देते हुए एक ई-रिक्शा समिति को यूनिक आईडी जारी करने की जिम्मेदारी सौंप दी है। इस समिति ने बिना जांच पड़ताल के ही बहुत सारे ई-रिक्शा चालकों यूनिक आईडी दे दी है।

केस एक
सितंबर में शाहपुर थाना क्षेत्र के असुरन चौक पर सुबह डिवाइडर से ई-रिक्शा टकराने से पलट गया, हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वह मऊ जिले के घोसी सबरहत निवासी कांति देवी थी। शाहपुर में अपने एक रिश्तेदार के घर आई थीं।

केस दो
अक्तूबर में रुस्तमपुर का एक परिवार ई-रिक्शा से जा रहा था। इसमें बच्चे और बुजुर्ग भी सवार थे। नाबालिग चला रहा था। महेवा मंडी के समीप चालक की लापरवाही से ई-रिक्शा पलट गया। हादसे में दो महिलाएं घायल हो गई, जबकि बच्चे और बुजुर्ग को भी मामूली चोट आई।

 
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बोले लोग
22 दिसंबर को ई-रिक्शा से आर्यनगर जा रही थी। चालक बहुत ही तेज चला रहा था, इसके लिए उसे कई बार टोका भी, लेकिन वह मान नहीं रहा था। हजारीपुर मार्ग पर रिक्शा पटल गया, मुझे भी थोड़ी चोट आई। ई-रिक्शा चालक भी चोटिल हो गया। इसके बाद से ई-रिक्शा से जाने में डर लगता है। - ललिता श्रीवास्तव, असुरन चौक

ई-रिक्शा चालक मनमाने तरीके से चलाते हैं। मना करने पर मानते ही नहीं। तीन जनवरी को एक ई-रिक्शा चालक ने असुरन चौक पर कार में पीछे से टक्कर मार दी। जिसके बाद कार चालक ने ई-रिक्शा चालकों को खूब डांट लगाई। - रोशनी, आर्यनगर

बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ई-रिक्शा चलाने वालों पर कार्रवाई की जाती है। इन दिनों कर्मचारियों की कमी है, जल्द ही अभियान चलाकर बिना लाइसेंस ई-रिक्शा चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- संजय कुमार झा, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन
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