- भार क्षमता बढ़ाने में नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप
- पुलिस ने एआरटीओ से बातचीत कराकर ट्रांसपोर्टर को समझाया
गोरखपुर। गीडा सेक्टर-22 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय पर बृहस्पतिवार को कुशीनगर के तमकुहीराज थाना क्षेत्र के बसडीला बुजुर्ग निवासी ट्रांसपोर्टर मृत्युंजय ठाकुर आत्मदाह करने पहुंच गए। सूचना पर गीडा पुलिस मौके पर पहुंची और अधिकारियों से बातचीत कराकर उन्हें समझाया।
मृत्युंजय ने आरोप लगाया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उनके मालवाहक वाहन की भार क्षमता 47.5 टन कर दी गई। वहीं कुछ अन्य वाहनों की भार क्षमता 52 से 53 टन तक बढ़ाई गई। इसे लेकर उन्होंने शासन में शिकायत की थी। शासन ने गोरखपुर आरटीओ से भार क्षमता बढ़ाए गए वाहनों की सूची मांगी थी। विभाग ने 172 वाहनों का विवरण शासन को भेजा था।
ट्रांसपोर्टर के अनुसार, शासन ने बढ़ाई गई भार क्षमता को निर्धारित नियमों के विपरीत मानते हुए उसे कम करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि जब उनके वाहन की क्षमता कम रखी गई है तो दूसरे वाहनों को अधिक भार की अनुमति किस आधार पर दी गई।
उन्होंने बुधवार को विभागीय अधिकारियों को आत्मदाह की चेतावनी दी थी। बृहस्पतिवार को वह कार्यालय पहुंच गए। पुलिस ने उनकी एआरटीओ परिवर्तन अरुण कुमार से बातचीत कराई। अधिकारी के आश्वासन के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
पांच से छह गाड़ियों की ग्रास व्हीकल वेट को लेकर मामला आया था। अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
- अरुण कुमार, एआरटीओ