दरअसल, शहर के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिजली सप्लाई के लिए रास्ते के किनारे ही ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। ये ट्रांसफार्मर जमीन पर प्लिंथ बनाकर या फिर डबल खंभों पर लगाए हुए हैं, जो रास्तों में काफी जगह घेरता है।
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अब खुले में लगे ट्रांसफाॅर्मर नजर नहीं आएंगे। इनकी जगह बिजली निगम कॉम्पैक्ट सब स्टेशन बनाएगा। शहर के विभिन्न एरिया में स्मार्ट सिटी योजना के तहत 151 कॉम्पैक्ट सब स्टेशन बनाए जाने हैं, जिसके लिए 60.16 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
इससे आए दिन ट्रांसफाॅर्मर के फाल्ट से भी छुटकारा मिलेगा। बिजली निगम ने इसका प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेज दिया है। हालांकि, अभी अनुमति मिलनी बाकी है। दरअसल, शहर के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिजली सप्लाई के लिए रास्ते के किनारे ही ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं।
ये ट्रांसफार्मर जमीन पर प्लिंथ बनाकर या फिर डबल खंभों पर लगाए हुए हैं, जो रास्तों में काफी जगह घेरता है। वहीं, तारों का लटकता जंजाल ऐसा कि कोई भी देख देखकर डर जाए। लोग इनके आसपास से निकलने में भी घबराते हैं। कई बार इनमें शार्ट-सर्किट और आग लगाने जैसी घटनाएं भी देखने को मिलती हैं।
विज्ञापन
वहीं, दूसरी तरफ इससे इलाके में लंबे समय बिजली आपूर्ति भी बाधित हो जाती है। ऐसे में कॉम्पैक्ट सब स्टेशन से इन सभी समस्याओं का समाधान होने का दावा किया जा रहा है। बता दें कि काॅम्पैक्ट सब स्टेशन के बनने से खुले में ट्रांसफार्मर नहीं रहेगा। सब कुछ बाॅक्स के अंदर होगा। कम जगह लेगा। आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगेगा।