गोरखपुर। विद्युत उपकेंद्र बक्शीपुर से जुड़े मुखर्जी टावर में निजी ट्रांसफाॅर्मर खराब होने से करीब छह दिन तक बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली नहीं होने से टावर की करीब दो दर्जन दुकानों का कारोबार प्रभावित रहा। कई दिनों तक अधिकारियों और निर्माण कराने वाली फर्म से गुहार लगाने के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो दुकानदारों ने आपस में चंदा जुटाकर ट्रांसफाॅर्मर की मरम्मत कराने का फैसला लिया। साथ ही प्रतिदिन किराये पर वैकल्पिक ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया, जिसके बाद रविवार को बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
दुकानदारों के अनुसार ट्रांसफाॅर्मर खराब होने के बाद उन्होंने कई बार बिजली निगम के अधिकारियों से शिकायत की। अधिकारियों ने बताया कि टावर में लगा ट्रांसफाॅर्मर निजी है। इसलिए उसकी मरम्मत, बदलने या वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्मेदारी बिल्डर, विकासकर्ता या टावर प्रबंधन की है। इसके बाद अतुल केसरवानी, दिलीप बल्दानी, रितेश समेत अन्य दुकानदारों ने छह जुलाई को टावर का निर्माण कराने वाली फर्म को पत्र देकर तत्काल ट्रांसफाॅर्मर ठीक कराने और तब तक वैकल्पिक ट्रांसफाॅर्मर लगाने की मांग की।
दुकानदार अतुल केसरवानी ने बताया कि निर्माण कराने वाली फर्म के महाप्रबंधक का कहना है कि भवन की देखरेख की जिम्मेदारी सोसाइटी को सौंप दी गई थी। ऐसे में ट्रांसफाॅर्मर बदलवाने की जिम्मेदारी दुकानदारों और सोसाइटी की है। उन्होंने बिजली निगम और प्रशासन से नियमों के अनुसार कार्रवाई कर स्थायी समाधान कराने की मांग की। बक्शीपुर के एसडीओ पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि निजी ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया है। इसे बदलने व रखरखाव की जिम्मेदारी बिजली निगम की नहीं है। यह उन्हें ही बनवाना पड़ता है। केवल शटडाउन लिखित में मांगने पर दे सकते हैं।