सीवान से भटनी के रास्ते वाराणसी जाने वाली ट्रेनों का इंजन अब नहीं बदलना पड़ेगा। भटनी से पिकोल स्टेशन तक सात किमी लंबाई में बाईपास लाइन बनाई जा रही है। इसी रास्ते से ट्रेनें सरपट निकल जाएंगी। इससे आधे घंटे समय की बचत होगी और वहीं यार्ड खाली रहने से अन्य ट्रेनों को सिग्नल देने में दिक्कत नहीं आएगी। मार्च 2022 तक इस लाइन को बनाने का लक्ष्य है।
दरअसल, भटनी से वाराणसी की ओर जाने के लिए सीवान से आने वाली ट्रेनों को स्टेशन पर रोकना पड़ता है। इंजन को आगे से निकालकर पीछे की ओर लगाया जाता है। तब जाकर ट्रेन सही दिशा में जा पाती है। इस कार्य में करीब आधा घंटे का समय लग जाता है। इससे ट्रेनों की टाइमिंग बढ़ जाती है।
हालांकि गोरखपुर से जाने वाली ट्रेनों के लिए रूट सीधा पड़ता है तो दिक्कत नहीं आती है। अब नई व्यवस्था के अनुसार भटनी से बाईपास लाइन मिल जाएगी, जिससे होकर ट्रेन आगे मेन लाइन पर मिल जाएगी। वहीं, गोरखपुर आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए भी यार्ड में सिग्नल फौरन मिल जाएगा।
इन ट्रेनों के समय की बचत होगी
छपरा-एलटीटी स्पेशल
लिच्छवी स्पेशल
दो जोड़ी पैसेंजर सीवान से वाराणसी
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि भटनी से पिकोल स्टेशन तक बाईपास लाइन बनाने का कार्य चल रहा है। पहले मीटर गेट लाइन थी, उसे ब्राड गेज में बदला जा रहा है। इसके निर्माण में 40 करोड़ रुपये लागत आएगी। मार्च 2022 तक इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।