इसके लिए यार्ड या स्टेशन पर ट्रेन के प्रवेश करने के समय डाटा कंट्रोल रूम में बैठा कंट्रोलर सिस्टम पर फीड करता है। इसके बाद स्टेशन से स्टेशन की लोकेशन पता चलती है।
सेटेलाइट के जरिए ट्रेनों की ट्रैकिंग होगी। इसमें इंजनों में एक डिवाइस फिट किए जा रहे हैं। यह डिवाइस सेटेलाइट के जरिए ट्रेनों की एक-एक पल की लोकेशन सिस्टम में ऑटोमेटिक फीड करता जाएगा। इससे यात्रियों को ट्रेनों की एक-एक पल की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रियल टाइमइंफॉर्मेशन सिस्टम से ट्रेनों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इस पर काम शुरू हो चुका है। इस सुविधा से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। अब तक 2700 इंजनों में डिवाइस लगाया जा चुका है।