गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में गोरखपुर जोन की पुलिस के लिए ''''''''साइबर फॉरेंसिक टूल्स'''''''' विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण का सोमवार को शुभारंभ हो गया। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि एससपी अरुण कुमार यश ने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी है।
एमएमएमयूटी के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग स्थित साइबर फॉरेंसिक रिसर्च सेंटर की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मोबाइल, डिस्क, क्रिप्टोकरेंसी, वीडियो एवं ऑडियो फॉरेंसिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय का साइबर फॉरेंसिक रिसर्च सेंटर अत्याधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों से सुसज्जित है, जो डिजिटल अपराधों की त्वरित, सटीक एवं वैज्ञानिक जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. बीके शर्मा एवं डॉ. विमल कुमार ने बताया कि प्रतिभागियों को मोबाइल, कंप्यूटर एवं नेटवर्क फॉरेंसिक्स, मल्टीमीडिया विश्लेषण, ड्रोन एवं वीडियो फॉरेंसिक्स, वॉयस एनालिटिक्स, स्टेगनोग्राफी, पासवर्ड रिकवरी व डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण जैसी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साइबर कमांडो उपेंद्र सिंह, साइंट टेक्नोलॉजीज के नवीन सिंह आदि ने भी संबोधित किया। प्रशिक्षण में बहराइच, संतकबीर नगर, बस्ती, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर एवं श्रावस्ती जनपदों से कुल 24 पुलिस अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं।