पूर्वोत्तर रेलवे में ट्रेनों की समय सारिणी को एक जुलाई से बदलने की संभावना पर फिलहाल विराम लग गया है। राष्ट्रीय स्तर पर सभी जोन में चलने वाली ट्रेनों की समीक्षा शुरू की गई है। इसके बाद ही नई समय सारिणी जारी होगी। चर्चा है कि ट्रेनों के गंतव्य तक पहुंचने की समय सीमा कम करने समेत कुछ और सुधारात्मक उपाय लागू करने पर मंथन चल रहा है।
इस बार एक जुलाई से ट्रेनों की नई समय सारिणी लागू होने की चर्चा थी। इसके लिए प्रयास भी शुरू हो गए थे। गोरखपुर स्टेशन से चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का समय व स्थान बदलने की चर्चा थी। कैंट स्टेशन के पूरी तरह से सक्रिय होने के बाद गोरखपुर की कुछ ट्रेनों को वहां से चलाया जाना था।
इसके लिए तैयारी चल रही थी। इस बीच दिल्ली से खबर आई है कि देश भर में ट्रेनों की समय सारिणी को अपडेट करने और यात्रियों के अधिक दबाव वाले रूटों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने समेत कई उपायों पर चर्चा हो रही है। इसके चलते फिलहाल पूर्वोत्तर रेलवे में एक जुलाई से होने वाले बदलाव को टाल दिया गया है।
नए विस्तार के चलते बढ़ी ट्रेनों की औसत गति
देश भर में रेलवे ट्रैक पर विस्तार का काम चल रहा है। कई जगह सेकेंड व थर्ड लाइन बन जाने से ट्रेनों के आवागमन में सुविधा हुई है। लखनऊ में ऐशबाग-मानकनगर रेल खंड का काम पूरा होने पर गोरखपुर से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को विकल्प मिला है, जिससे उनकी औसत स्पीड में सुधार आया है।
इसी प्रकार गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर भी ट्रेनों की गति बढ़ी है। इससे ट्रेनों के गंतव्य तक पहुंचने में पहले की अपेक्षा कम समय लगने की उम्मीद है। इसके अलावा वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की संख्या भी बढ़नी है, जिसके लिए समय सारिणी में समय प्रस्तावित होना है। इन सबके चलते ही अभी समय सारिणी जारी नहीं होगी।
सीपीआरओ एनईआर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेनों की समय सारिणी में कुछ सकारात्मक बदलाव के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मंथन चल रहा है। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहा है। जल्द ही नई समय सारिणी जारी होगी। फिलहाल एक जुलाई को लागू होने वाली नई समय सारिणी को आगे के लिए टाल दिया गया है।