फर्जी आधार कार्ड के जरिए एक युवक का पासपोर्ट बनवाकर उसे बैंकाॅक भेजने की कोशिश करने वाले एजेंट को नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। एजेंट की पहचान गोरखपुर के मंगलपुर गांव निवासी अरविंद पांडेय के रूप में हुई है। इससे पहले पुलिस ने गोरखपुर के रहने वाले एक यात्री को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था, जो फर्जी पासपोर्ट के जरिए बैंकाॅक जाने की कोशिश कर रहा था।
गोरखपुर में फर्जी पासपोर्ट बनाने वाला गिरोह सक्रिय है। हाल के दिनों में शिकायत के बाद पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट बनाकर लोगों से विदेश भेजने के नाम पर रुपये हड़पने वाले आठ एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए एसएसपी ने पासपोर्ट बनाने वाली रजिस्टर्ड फर्म का नाम भी जारी करवाया था।
ताकि लोग सही जगह पर जाएं और ठगी के शिकार न होने पाए। इसके बाद भी लोग ऑनलाइन संपर्क कर ठगी का शिकार हो रहे हैं। एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि एजेंट के गिरफ्तारी की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि थाना स्तर पर सूचना देकर आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस गिरफ्तारी कर चली गई हो।
वहीं, गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस अधिकारी ने बताया कि 9 जून की देर रात यूपी के देवरिया के गांव शांति नगर के रहने वाले अश्वनी कुमार (46) बैंकाॅक जाने के लिए हवाई अड्डे पर आए। इमिग्रेशन अधिकारियों ने यात्रा दस्तावेज और पासपोर्ट की जांच की। उसकी उम्र पासपोर्ट में दिए गए उम्र से मेल नहीं खा रही थी।
मामला संदिग्ध होने पर अधिकारियों ने पूछताछ की, जिसमें पता चला कि यात्री का नाम सागर गुप्ता (38) है। वह गोरखपुर के गांव खखरी का रहने वाला है। यात्री को पुलिस के हवाले कर दिया गया। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने सागर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सागर ने बताया कि उसका एक साला कई साल से बैंकाॅक में रहकर ज्यादा पैसे कमा रहा है। बेहतर आजीविका के लिए उसने भी बैंकॉक जाने का फैसला किया। जनवरी 2020 में वह पर्यटक वीजा पर बैंकॉक गया और कुछ दिन वहां काम किया।
वीजा समाप्त होने पर जुलाई 2021 में वह भारत आ गया। अब वह फिर से बैंकाॅक जाना चाहता था। उसके साले ने एजेंट अरविंद पांडेय से मिलने को कहा। अरविंद ने सागर से कहा कि उम्रदराज लोगों का जल्द वीजा बन जाता है, इसलिए उससे एक लाख रुपये लेने के बाद उसका फर्जी नाम और पते पर आधार कार्ड बनवाया। फिर इसी आधार पर पासपोर्ट बनवाकर उसके वीजा का इंतजाम किया, लेकिन हवाई अड्डा पर वह पकड़ा गया।
थाना प्रभारी विजेंद्र राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अरविंद की तलाश शुरू की। तकनीकी जांच में अरविंद के गोरखपुर में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने गोरखपुर के एक ठिकाने से आरोपी एजेंट अरविंद पांडेय को गिरफ्तार कर लिया।