जल्द ही लोको पायलट केबिन में लगे डिस्प्ले बोर्ड पर सामने वाले सभी सिग्नल (हरा, लाल और पीला) दिखते रहेंगे। उन्हें यह भी पता चल जाएगा कि ट्रेन से सिग्नल की दूरी कितनी है।
ट्रेन अगर गलती से भी रेड सिग्नल पार करने लगी तो ऑटो ब्रेक लग जाएगा। यह संभव होगा ट्रेन कोलिजन अवाइडेंस सिस्टम (टी कैश) से। पूर्वोत्तर रेलवे में यह सिस्टम लगने जा रहा है। इस तकनीक से ट्रेनों के ओवरशूट पर पूरी तरह रोक लगेगी।
यात्रियों की संरक्षा एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में आरडीएसओ ने स्वदेशी प्रणाली पर ट्रेन कोलिजन अवाइडेंस सिस्टम तैयार किया है। जिसे लगाने की स्वीकृति के लिए काफी समय पहले ही प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। अब इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है।