एक लेन पर ही गाड़ियों से सामान को उतारने व चढ़ाने पर बनी थी सहमति, पहले दिन ही नहीं हो सका पालन
बृहस्पतिवार को भी रोज जैसा ही रहा नजारा, जाम से जूझते दिखे लोग, व्यापारियों को भी होती है परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। साहबगंज मंडी में जाम से निपटने के लिए बुधवार को की गई बैठक और लिए गए फैसला का कोई असर बृहस्पतिवार को नजर नहीं आया। यातायात पुलिस की क्यूआरटी ने पहले तो लोगों को समझाया, लेकिन किसी के नहीं मानने पर चालान काट कर जुर्माना लगा दिया है। जाम से निपटने के लिए की गई तैयारी पहले दिन ही धड़ाम नजर आई है। दुकानों के बीच सड़क किनारे जहां तहां माल वाहक वाहन खड़े नजर आए। इससे उधर से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हुई। कहीं जाम का सामना करना पड़ा तो कहीं पर खाली जगह मिली।
जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार की दोपहर 01:39 बजे हिंदुस्तान ट्रेडिंग कंपनी के सामने पिकअप खड़ा था, जिसमें रखा सामान निकालकर कर्मचारी गोदाम में रख रहे थे। यहां महज चार कदम दूर दाहिनी ओर भी एक पिकअप खड़ा करके चालक कहीं चला गया था। सड़क आगे ही एक ऑटो खड़ा मिला। खूनीपुर चौराहे से आगे जाने पर ईस्माइलपुर है। दोपहर 01:45 बजे सड़क के दोनों ओर दुकानों के सामने बेतरतीब बाइक खड़ी की गई थी। सड़क पर दाहिनी ओर बुधवार की रात सामान लेकर आया ट्रक खड़ा था। उसके बगल में ऑटो वाला मालवाहक खड़ा करके चालक लापता था। करीब एक आधी सड़क पर वाहन खड़े होने से आने जाने वाले वाहन फंस गए। ठेला, बाइक और पिकअप की लाइन लग गई। करीब 10 मिनट तक लोगों ने ऑटो मालवाहक के चालक की तलाश की। लेकिन, उसका पता नहीं चला। इसके बाद उसे अपशब्द कहते हुए लोग किसी तरह से अपने अपने वाहन निकालने की कोशिश में लग गए। जाम की हालत देखकर बाइक सवार मुड़ गए। वहां से गुजर घोष कंपनी के केशव ने पुलिस के मौजूद नहीं होने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सिर्फ ऐलान होता है। लेकिन कोई व्यवस्था नहीं मिलती। एक सामान लेने के चक्कर में आधा घंटा चला गया। कुछ ही ऐसी हालत दिनभर बनी रही।
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कोट
साहबगंज में जाम से निजात के लिए व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों के बैठक की गई थी। वहां पर बृहस्पतिवार को यातायात पुलिस की क्यूआरटी गई थी, लेकिन समझाने पर भी कुछ नहीं माने। जिन वाहनों की वजह से जाम लगा था, उनका चालान काटा गया है।
-श्यामदेव विंद, एसपी ट्रैफिक