वेटनरी काॅलेज के निर्माण से पूर्वांचल के पशुपालकों को कई तरह की सुविधाएं मिलेगी। काॅलेज में शोध कार्य के लिए पशुपालन होगा। इसलिए चारागाह, डेरी फार्म, बकरी व भेड़ फार्म एवं पोल्ट्री फार्म भी बनाए जाएंगे। डेयरी प्रोडक्ट बनाने के लिए प्रसंस्करण केंद्र निर्मित होगा। यहां इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली की तरह कई तरह के रिसर्च हो सकेंगे।
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नए रिसर्च के साथ पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। यह वेटनरी काॅलेज पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान केंद्र मथुरा से संबद्ध होगा। प्रस्ताव के मुताबिक शुरू में यहां 80 सीटें होंगी, जिसे बाद में बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश के भीतर मथुरा में विवि के अलावा मेरठ, फैजाबाद व बीएचयू वाराणसी में भी वेटनरी मेडिकल काॅलेज है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि गोरखपुर में वेटनरी काॅलेज के लिए जल्द ही जमीन तलाश ली जाएगी। कुछ जगहों पर उपयोगी जमीन देखी भी गई है। कुछ तकनीकी वजहों से पूर्व में तलाशी गई जमीन उपयोगी नहीं साबित हुई। जल्द ही नई जगह बेहतर जमीन फाइनल कर ली जाएगी।