लोगों को जंगल और पर्यावरण की अहमियत समझाने के लिए वन विभाग पहली बार ईको टूरिज्म की थीम पर गोरखपुर महोत्सव का आयोजन करेगा। मैराथन, फोटो प्रदर्शनी, सिनेमा और स्टाल के माध्यम से लोगों को वन की खासियत और प्राकृतिक सौंदर्य के बारे में बताया व समझाया जाएगा। वन विभाग की कार्ययोजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। चिड़ियाघर में भी दो कार्यक्रम होंगे।
डीएफओ विकास यादव ने बताया कि इस बार गोरखपुर महोत्सव में वन विभाग भी शामिल होगा। 11 से 13 जनवरी के बीच विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जंगल मैराथन के तहत पांच किलोमीटर तक बच्चों व सामाजिक संगठनों, सामान्य नागरिकों को जंगल के बीच घुमाया जाएगा। इस दौरान लोगों को जंगल और उसके माहौल के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह मैराथन देवरिया बाईपास के सूबा बाजार से शुरू होकर विनोद वन में खत्म होगी।
इसके अलावा नोबेल पुरस्कार विजेता माइक एच पांडेय द्वारा निर्देशित पांच अलग-अलग सिनेमा प्रदर्शित किए जाएंगे। गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में सिनेमा के माध्यम से लोगों को ईको टूरिज्म की खासियत को समझाने की कोशिश की जाएगी। वन विभाग और बैंबू मिशन की ओर से तैयार बांस के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर ईको टूरिज्म फोटोग्राफी का भी स्टाल लगाया जाएगा। इसमें शहर के अलग-अलग सुंदर प्राकृतिक स्थलों की तस्वीरें होंगी।
चिड़ियाघर में दो दिन कार्यक्रम होंगे। एक दिन नेचर वाक होगा और दूसरे दिन चिड़ियाघर के वेटलैंड में बर्डवाच कार्यक्रम होगा। अभी तक पांच स्कूलों के बच्चों को कार्यक्रमों से जोड़ा गया है।
क्या है ईको टूरिज्म
ईको टूरिज्म का मतलब है प्राकृतिक सौंदर्य के करीब जाना और उसका आनंद लेना। इसके तहत पर्यटकों को प्राकृतिक क्षेत्रों में ले जाया जाता है, ताकि वह कुदरत के सौंदर्य का आनंद ले सकें। साथ ही पर्यावरण के संरक्षण के बारे में जागरूक किया जाता है।