गोरखपुर। नेपाल से लेकर जिले तक बारिश थमने के बाद भी गोरखपुर में तीन नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसकी वजह से जिले के 71 गांवों की 98 हजार आबादी प्रभावित हुई है।
सरयू नदी बरहज में खतरे के निशान से 1.20 मीटर ऊपर बह रही है। राप्ती नदी बर्डघाट में खतरे के निशान से 37 सेमी ऊपर है। गोर्रा नदी पिड़रा घाट में खतरे के निशान से पांच सेमी ऊपर बह रही है। अन्य नदियां अब खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं। हालांकि नदियों का जलस्तर अब नीचे आने लगा है लेकिन पानी उतरने की रफ्तार धीमी है। आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार बाढ़ से प्रभावित गांवों में गोला तहसील के 42 गांव शामिल हैं। खजनी तहसील के 14 गांव, सदर के आठ और बांसगांव के सात गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं।
प्रभावित गांवों में लोगों के लिए राहत किट बांटी गई हैं। साथ ही पशुओं के लिए भूसा और पशु आहार भी वितरित किया गया है। सदर तहसील में ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने 1100 परिवारों को राहत किट दीं। गोला तहसील में 500 खाद्यान्न किट व बांसगांव में 130 राहत किट वितरित की गईं।
गोला तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में 255.20 क्विंटल भूसा बांटा गया। छोटे पशुओं के लिए 450 पैकेट आहार दिए गए। बड़े पशुओं के लिए 490 पैकेट आहार वितरित किए गए। इसी प्रकार सदर तहसील के बहरामपुर उत्तरी व दक्षिणी में 5500 लंच का पैकेट वितरित किया गया।