मासूम की मां ने कॉलेज प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि डॉक्टरों की बदौलत मेरे कॉलेजे का टुकड़ा मेरे पास सुरक्षित है। पिता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जो व्यवस्था की उसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। कमिश्नर ने कहा कि अभी लड़ाई लंबी है, जो कमियां रह गई हैं, वह पूरी की जाएंगी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा कि मासूम कोरोना पॉजिटिव तो था, लेकिन उसमें कोई लक्षण नहीं थे। इसकी वजह उसे कोई संक्रमण नहीं हुआ। ऐसे में उसे कोई दवा नहीं दी गई। मां का दूध ही उसके लिए सबसे बड़ा दवा था। जिसकी बदौलत वह ठीक हुआ। उन्होंने मासूम की मां का भी सहयोग के लिए आभार जताया।