पुलिस को किशोरी ने बताया है कि आरोपी उसे कमरे में बंद करके रखते थे। शौच भी निगरानी में ही भेजते थे। लेकिन, बृहस्पतिवार को वह कमरे की कुंडी बंद करना भूल गए। दरवाजा खुला पाते ही मैं भागकर बाहर आ गई और फिर पड़ोस के एक घर में जाकर आपबीती बताई। उन्होंने मदद की और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद दरिंदों की चंगुल से छूट पाई।
घर में भी सुख नहीं मिला, यहां दरिंदों ने नोच डाला
किशोरी ने बताया कि घर में मां-बाप दोनों की मौत हो गई। भाभी भी हमेशा मारती रहती थी। न घर में सुख मिला और न ही बाहर आने पर चैन मिल पाया। गोरखपुर में उतरने के बाद सोचा था कि कोई काम कर लूंगी, लेकिन यहां तो दरिंदों ने नोच डाला। आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
किसी को भी नहीं लगी भनक, मोहल्ले में होता रहा कांड
तीनों युवक कितने शातिर थे, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आसपास के लोगों को भी कानों-कान खबर नहीं लग सका। वह कमरे में कांड करते रहे और किशोरी को बाहर तक नहीं निकलने दिया कि कोई जान न जाए। हमेशा एक युवक वहां पर उसकी निगरानी के लिए रहता था। क्योंकि किशोरी से रेलवे स्टेशन से लेकर कमरे तक कहीं पर भी जोर जबरदस्ती नहीं हुई थी, इस वजह से पुलिस को भी भनक नहीं लग पाई।