गोरखपुर। अपर जनपद न्यायाधीश विजय बहादुर यादव की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में कानापारा निवासी अभियुक्त मनीष कुमार गोंड, राजेश गोंड और चंद्रलेखा को हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही अदालत ने तीनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने मामले की मजबूती से पैरवी की। उन्होंने बताया कि वादिनी निर्मला सहजनवां थाना क्षेत्र के मीनवां गांव की निवासी हैं। वादिनी ने 18 दिसंबर 2017 को थाने में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री ज्योति गोंड की शादी सात जून 2017 को मनीष कुमार गोंड से की थी। शादी के कुछ समय बाद से ही मनीष और उसके परिजन ज्योति को अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
वादिनी के अनुसार, दहेज की मांग पूरी न होने पर आए दिन उसकी बेटी के साथ मारपीट की जाती थी। कई बार समझाने-बुझाने के बावजूद बेटी की ससुराल के लोगों का व्यवहार नहीं बदला। 17 दिसंबर 2017 को बेटी की ससुराल के लोगों ने ज्योति गोंड की गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के बाद मामले की जांच की गई और पर्याप्त साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया। ब्यूरो