वर्तमान समय में गोरखपुर से दिल्ली और मुंबई के लिए तीन-तीन फ्लाइट के अलावा हैदराबाद, कोलकाता और प्रयागराज के लिए एक-एक फ्लाइट है। सुबह से ही उड़ान और लैंडिंग का सिलसिला शुरू होता है जो शाम तक जारी रहता है। फ्लाइट अधिक होने और पार्किंग छोटी होने की वजह से कोहरे के समय एक भी फ्लाइट लेट होने का प्रभाव दूसरी फ्लाइटों पर भी पड़ता है ।
तीन साल में तीन सौ से 2000 पहुंची यात्रियों की संख्या
करीब तीन साल पहले तक गोरखपुर से दिल्ली के लिए ही सिर्फ एक फ्लाइट की सुविधा थी। एयरपोर्ट से रोजाना तीन सौ लोग ही आते जाते थे अब यह संख्या बढ़कर दो हजार रुपये से अधिक हो गई है। वर्तमान में नौ उड़ाने हो रही हैं। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद एयरपोर्ट पर सर्वाधिक फ्लाइट और यात्री सुविधाएं बढ़ी। अभी कुछ और विमान कंपनियां चेन्नई आदि शहरों के लिए उड़ान शुरू करने को तैयार है मगर शेड्यूल नहीं मिल पा रहा।
गोरखपुर एयरपोर्ट निदेशक प्रभाकर वाजपेयी ने कहा कि जल्द ही पार्किंग बढ़ाने का काम शुरू हो जाएगा। इससे एक साथ तीन बोइंग और एक एटीआर खड़ा हो सकेगा। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। पार्किंग में दो विमान खड़े रहने पर भी तीसरे को लैंड कराया जा सकेगा।