एसएसपी ने बताया कि 19 मार्च को सहजनवां के भीमापार निवासी किन्नर तान्या को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर नामजद आरोपी किन्नर किरन को जेल भेजा। जांच में सामने आया कि प्रिया किन्नर व तान्या किन्नर के बीच क्षेत्र बंटवारे को लेकर छह माह पूर्व काफी विवाद हुआ था।
उस विवाद में तान्या ने प्रिया का कुछ क्षेत्र अपने हिस्से में ले लिया था। इसी बात से प्रिया और तान्या में विवाद चल रहा था। जिसके कारण प्रिया ने तान्या को रास्ते से हटाने के लिए हत्या का षड्यंत्र रच डाला।
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प्रिया अपने गुरु किरन किन्नर से अनुमति लेकर अपने पुरुष मित्र (मुंहबोले पति) रणविजय यादव को पूरी बात बताई, जिसके बाद मुंहबोले पति रणविजय ने दोस्तों संग मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
एसपी ने बताया कि उस दिन तान्या की हत्या की साजिश रची थी और गोली पीछे से सिर में मारनी थी, लेकिन असलहा देखकर तान्या ने गाड़ी से भागने की कोशिश की थी, जिस वजह से गोली पीठ में लगी और वह बच गई।
हत्या के लिए रणविजय ने तान्या किन्नर के पूर्व ड्राइवर दुर्गेश मद्धेशिया से संपर्क किया। जिसे फरवरी में तान्या ने निकाल दिया था। दुर्गेश मद्धेशिया ने इस काम में अपने पुराने मित्र रवि यादव को भी मिला लिया। रवि से दुर्गेश की मुलाकात 6 वर्ष पहले ट्रेन में चना बेचते हुए हुई थी।
वहीं इस काम में रणविजय का मित्र अतुल दूबे, संगम, सोनू भी शामिल हुए। घटना के वक्त दुर्गेश मद्धेशिया मोटर साइकिल चला रहा था और रणविजय यादव पीछे बैठा था। रणविजय ने ही तान्या को पीछे से गोली मारी थी। दूसरी बाइक पर अतुल दूबे व संगम नामक युवक सवार थे। बाइक से सोनू व रवि यादव भी मौके पर घेराबंदी किए थे।
थाने में पहुंचे किन्नरों ने फिर मचाया उत्पात
बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी की जानकारी होने के बाद लखनऊ से डिस्चार्ज घायल किन्नर तान्या सहजनवां थाने पहुंची थी। इस दौरान और किन्नर भी पहुंच गए और हंगामा करने लगे। मालूम हो कि घटना के बाद से ही तीन दिन तक किन्नरों ने हंगामा मचाया। दो दिन तो हाईवे जाम कर हंगामा करने की वजह से राहगीरों को भी मुसीबत झेलनी पड़ी थी। बृहस्पतिवार को हंगामा कर रहे किन्नरों को सख्ती से पुलिस ने समझाया, तब जाकर वह थाने से हटे और फिर गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई।