स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत नो वन लेफ्ट बिहाइंड श्रेणी में व्यक्तिगत शौचालय के 16625 लाभार्थियों को अब तक शौचालय निर्माण की दूसरी किस्त नहीं मिली है। इन लाभार्थियों का पंचायतीराज विभाग पर करीब 9.97 करोड़ रुपये की देनदारी है। प्रत्येक लाभार्थी को दूसरी किस्त के तौर पर छह हजार रुपये दिए जाने बाकी है।
देनदारी बड़ी नहीं होने के बाद भी लाभार्थी इसलिए परेशान हैं क्योंकि प्रधानों का 25 दिसंबर को कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। ऐसे में उन्हें अपनी दूसरी किस्त फंसने का भय सता रहा है। यही वजह है कि लाभार्थी प्रधानों से लेकर ब्लाक और पंचायतीराज विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
कुछ लाभार्थियों का कहना है कि उन्होंने उधार लेकर शौचालय का निर्माण कराया है तो वहीं कुछ का कहना है कि धन के अभाव में उनके शौचालय में अभी भी कुछ काम बाकी रह गए हैं। उधर संबंधित पंचायतों के प्रधान भी फंड के लिए पंचायतीराज विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
उनका कहना है कि लाभार्थी रोजाना उन्हें शौचालय की दूसरी किस्त के लिए परेशान कर रहे हैं। इस संबंध में जिला पंचायतीराज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि तकरीबन 16625 शौचालयों के लिए 6000 रुपये की दूसरी किस्त का भुगतान बाकी है। प्रयास किया जा रहा है इसी सप्ताह यह धनराशि लाभार्थियों के खाते में स्थानांतरित करा दी जाए। इन लाभार्थियों के खाते में 99,750,000 रुपये की धनराशि भेजी जानी है।