- बांसगांव में बदलाव चाहती है जनता, नंबर दो पर हमेशा रही बसपा को मिल रहा समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पूर्व आयकर आयुक्त एवं बांसगांव से बसपा प्रत्याशी डॉ. रामसमुझ ने कहा कि लोकसभा का चुनाव तानाशाही बनाम लोकतंत्र का है। बांसगांव संसदीय सीट से पिछले 15 साल से भाजपा के सांसद हैं। जनता बदलाव चाहती है और बसपा हमेशा यहां नंबर दो पर रही है। यहां से प्रगतिशील सोच वाले प्रत्याशी के न आने से बसपा यह सीट जीत नहीं पाई। कहा कि मैंने सेवा काल में रहते हुए हमेशा सवर्ण समाज के लोगों के बच्चों की शिक्षा में मदद की। ्र
मेरा उद्देश्य व्यावसायिक लाभ लेना नहीं बल्कि समाजसेवा है। चुनावी दौरे से लौटे डॉ. रामसमुझ ने बातचीत में कहा कि भाजपा की पीएम मोदी सरकार से जनता ऊब चुकी है। जातियों व धर्म के आधार पर बुलडोजर चल रहे हैं। अब आम जनता बसपा प्रमुख मायावती के शासनकाल में कानून व्यवस्था को याद कर रही है। बसपा पार्टी गौरव प्राप्त करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं को तीन कसौटियों पर उम्मीदवारों को परखना चाहिए। प्रत्याशी की उपलब्धता, उसकी उपयोगिता और राजनीतिक दलों की नीतियां क्या हैं? बांसगांव से मुझे छोड़कर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी बाहरी हैं। सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा होने के साथ ही कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है। उन्होंने कहा कि बसपा के पांच लाख मूल कैडर के वोटर हैं। रोजी-रोटी की तलाश में लोग बाहर चले जाते हैं। इस बार प्रबंध किया है कि ज्यादा से ज्यादा मतदाता एक जून को मौजूद रहें और मतदान करें।