सैनिक स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक बालक-बालिकाओं को आवासीय व्यवस्था के तहत शिक्षा प्रदान की जाएगी। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल बन रहे हैं। स्कूल का प्रशासनिक भवन प्राचीन भारतीय संस्कृति और परंपरा का दर्शन कराने वाला बनाया जा रहा है। यहां बनने वाले हॉस्टल राष्ट्र नायकों के नाम से समर्पित होंगे। साथ ही परिसर के अलग-अलग स्थानों का नामकरण सेना के जांबाजों के नाम पर किया जाएगा। सैनिक स्कूल के विद्यार्थियों के खेलकूद की गतिविधियों के लिए खेलों के कई कोर्ट व मैदान भी विकसित किए जा रहे हैं।
राष्ट्र रक्षा की नर्सरी बनेगा सैनिक स्कूल
सैनिक स्कूल राष्ट्र रक्षा की नर्सरी बनेगा। इसके जरिये छात्र फौज में अफसर बनेंगे। देश की सीमाओं की रक्षा करेंगे। वास्तव में किसी भी जिले या क्षेत्र के लिए सैनिक स्कूल का होना बहुत गौरव की बात होती है। उस क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। सैनिक स्कूल की सौगात सिर्फ युवा छात्रों के लिए ही नहीं, गोरखपुर की अपनी निजी पहचान और शान के लिहाज से भी बेहद खास है।